Yaduvanshi Abhishek

Yaduvanshi Abhishek

@Yadavup34

Yaduvanshi Abhishek shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Yaduvanshi Abhishek's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
होश आ रहा है उम्र बढ़ रही है
सुब्ह होने को है रात चढ़ रही है

ऐसे अर्श पर ला कर के रख दिया है
मेरी दुनिया भी मुझ से ही लड़ रही है
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Yaduvanshi Abhishek
आज फिर तोड़ा है इक लैला ने इक दिल
इश्क़ के बाज़ार अब चलते रहेंगे
Yaduvanshi Abhishek
छोड़ दीं सारी मनमानियाँ
अब तो मैं बस सही चुनता हूँ

शाम ढलते ही सो जाता हूँ
अब मैं सपने नहीं बुनता हूँ
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Yaduvanshi Abhishek
हर इक बात के बा'द हम फिर
बिछड़ जाने पर राज़ी तो थे
Yaduvanshi Abhishek
जो उस सेे हो गया था तब यक़ीनन अब नहीं होगा
ख़ुद अपनी ही कहानी में यक़ीनन सब नहीं होगा

भरोसा इश्क़ यारी सब रहा बेकार उस के बिन
जो पागल था जवानी में यक़ीनन अब नहीं होगा
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Yaduvanshi Abhishek
ये सोच कर ही मैं ख़ामोश रहता हूँ
ज़बान लंबी है औकात से मेरी
Yaduvanshi Abhishek
चाहता तो इश्क़ हूँ मगर
उस सेे दोस्ती भी काफी है
Yaduvanshi Abhishek
मैं जब जब सो रहा हूँ किसी को खो रहा हूँ
जवानी के दिनों में मैं पागल हो रहा हूँ
Yaduvanshi Abhishek
इक बात ये कि मेरी क़िस्मत सही नहीं
इक सच है ये कि उस ने चाहा नहीं मुझे
Yaduvanshi Abhishek
जिस ने मुझे ख़ुद से जुदा कर दिया
शाइरों ने उस को ख़ुदा कर दिया
Yaduvanshi Abhishek
जब जी न पाए तो गुज़ारा कर लिया
हम ने मुहब्बत से किनारा कर लिया
Yaduvanshi Abhishek
उस का ये इक हुनर जो कि दुख देता है
हर किसी को वो अपना बना लेता है
Yaduvanshi Abhishek
इश्क़ जो करते हैं ये लड़के सभी पागल
चार दिन जीते हैं फिर हर रात मरते हैं
Yaduvanshi Abhishek
ऊपर वाला सब को देगा सबकी बारी आएगी
ये सारी अफवाहें हैं इनको अफवाहें रहने दो
Yaduvanshi Abhishek
वो मिरी रातों को तन्हा कर गई है
कुछ नहीं बाक़ी मिरी जाँ मर गई है
Yaduvanshi Abhishek
बारिश की बूँदों को आँसू कहता है पागल
हर कोई प्यारा कुछ दिन तो रहता है पागल
Yaduvanshi Abhishek
दिल के दरवाज़े पे कोई भी नहीं है
दिलरुबा की यादों से हैं गुज़रे लम्हें
Yaduvanshi Abhishek
अब के सावन काश कुछ ऐसा हो जाए
तुझ को इश्क़ और फिर मिरे जैसा हो जाए
Yaduvanshi Abhishek
रास्ते के इतने ग़म कैसे मिटाऊँगा
इस ग़ज़ल को मैं अधूरा छोड़ जाऊँगा
Yaduvanshi Abhishek
मैं उस सेे आज तक के सारे रिश्ते तोड़ आया हूँ
मैं उस को आख़िरी सफ़ में सिसकता छोड़ आया हूँ
Yaduvanshi Abhishek

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