Abhay Aadiv

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Abhay Aadiv shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Abhay Aadiv's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
इश्क़ अव्वल नशा है नशों में अगर
तो हमें भी नशा ये चढ़ा रहने दो
Abhay Aadiv
ये धुआँ सिगरेट का बिखरी किताबें बंद पर्दे
दिख रहा है जैसा मेरा कमरा तो ऐसा नहीं था
Abhay Aadiv
दब गई दिल की आवाज़ भी
आग भी ख़्वाब भी राज़ भी
Abhay Aadiv
नदी के शांत तट पर बैठ जाऊँ और
वो रावी की तरह बहती चली जाए

पता है आज तुम को क्या हुआ 'आदिव'
वो बोले और फिर कहती चली जाए
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Abhay Aadiv
इश्क़ से दूर जाते ही रहे तुम
दिल को पत्थर बनाते ही रहे तुम

दिल न टूटे कहीं इसी डर से
लोगों को आज़माते ही रहे तुम
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Abhay Aadiv
होता है दिल उदास तो करें क्या
वो न हो आस पास तो करें क्या
Abhay Aadiv
इज़हार-ए-इश्क़ से मैं यूँँ तो मुकर रहा हूँ
पर सच कहूँ तो तुम को खोने से डर रहा हूँ
Abhay Aadiv
रात दिन उसी का ही ख़याल करने वाले लोग
कर के इश्क़ उस सेे हैं मलाल करने वाले लोग

अच्छे लड़के उस के अच्छे दोस्त ही बने रहें
उस को थे पसंद इस्ति'माल करने वाले लोग
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Abhay Aadiv
दे रही है यूँंँ दुनिया दिखाई मुझे
दिख रही है सभी में बुराई मुझे

तेरी दुनिया में कोई यूँंँ कितना जिए
वक़्त से पहले दे दे रिहाई मुझे
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Abhay Aadiv
पास होकर भी मेरे नहीं जो क़रीब
ऐसी कु़र्बत से अच्छी जुदाई मुझे
Abhay Aadiv
जो मिली नज़रें तो क़यास हुआ
देख ले जो भी बद-हवा से हुआ
Abhay Aadiv
जितने दिन भी कटे हैं उस के बगै़र
मेरा हर इक वो दिन भी मास हुआ

लाँघ ली मैं ने जिस्म की सरहद
रूह का मेरी वो लिबास हुआ
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Abhay Aadiv
जाने वो कौन थी जिस पर कि ये दिल आया था
किस की ख़ातिर ये मिरा दिल यूँँ ही पगलाया था

डरता हूँ अब हो न जाए ये मुहब्बत किसी से
ज़्यादा पानी से ही तो फूल ये मुरझाया था
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Abhay Aadiv
साल भी ख़त्म होने को है
हिज्र ही ख़त्म होता नहीं
Abhay Aadiv
कुछ नहीं कहता अब किसी से जो
कितना कुछ कहना चाहता होगा
Abhay Aadiv
आजकल कितना बिज़ी है काम में
फो़न जो करने की भी फु़र्सत नहीं
Abhay Aadiv
ले रहा हूँ नैप मैं बस आजकल
मुझ को तो सोने की भी फु़र्सत नहीं
Abhay Aadiv
छू के बस तुम्हें इस दिल को मिरे बदलना है
आग से तुम्हारी इस मोम को पिघलना है
Abhay Aadiv
पानी से क़तरे क़तरों से पानी
जैसी ये सोच वैसा मआ'नी
Abhay Aadiv
ख़ुशी से मिरी कहानी बता
तू ग़म का नया मआ'नी बता
Abhay Aadiv

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