Arihant jain

Arihant jain

@ajain456

Arihant jain shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Arihant jain's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
इस रंग-ए-लहू से तू, क्या टीस मिलाता है
हर बार नतीजा भी, निय्यत से नहीं मिलता
Arihant jain
बाग से हर बार केवल फूल ही हम ने चुने
और काँटे, और तीखे, और तीखे हो गए
Arihant jain
रौंद कर जो कुछ गया हूँ साथ नक्श-ए-पा में है
जुड़ गया है दर्द मुस्तक़बिल में मेरे जुर्म का
Arihant jain
बड़ा मुश्किल है, मुश्किल में, तेरे हक़ में सदा देगी
ख़िजाँ में हर बचे पत्ते को ये दुनिया हवा देगी
Arihant jain
गाँव के जितने दीए थे शहर जा रौशन हुए
रौशनी को देख कैसे खींचती है रौशनी
Arihant jain
मुकद्दर से नहीं ज़्यादा जुटा सकता तमन्नाएँ
तू लकड़ी पेड़ में जितनी है उतनी काट सकता है
Arihant jain