Rehaan

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@an_unknown_diary

Rehaan shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Rehaan's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
नहीं था इश्क़ में फिर भी मैं क्या क्या लिख चुका अब तक
अगर दिल टूट जाता तो मैं क्या क्या लिख रहा होता
Rehaan
कुछ इस लिए भी कि शर्मिन्दगी न हो तुम को
मैं अंजुमन में मिला तुम सेे अजनबी की तरह
Rehaan
ताकि समझे तू भी हिज्र क्या चीज़ है
जा रहा हूँ बहुत दूर मैं तुझ सेे अब
Rehaan
तुम में और चाँद में बस एक यही अंतर है
वो हसीं ज़्यादा है और तुम पे कोई दाग़ नहीं
Rehaan
ये अलग बात है मैं इन दिनों बेचैन सा हूँ
पर ये चाहत भी मेरी थी कि जुदा हो जाएँ
Rehaan
ये क़िस्सा इश्क़ का कुछ इस क़दर बे-नूर हो जाए
कोई नाराज़ हो जाए कोई मजबूर हो जाए

ये मुमकिन है मैं उस को मिन्नतें कर के मना तो लूँ
मगर उस के लिए बेहतर है मुझ सेे दूर हो जाए
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Rehaan
है घर कपड़ा है रोटी भी मगर फिर भी ग़रीबी है
न उस की कुछ तवज्जोह जो मेरी सब सेे क़रीबी है

उसे मुझ सेे शिकायत है कि उस को भूल बैठा हूँ
ये मेरी ख़ुश-नसीबी है या मेरी बद-नसीबी है
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Rehaan
मिली जिन से जफ़ाएँ उन को भी आदाब करना था
हर इक पत्थर हुए दिल को पुनः मेहताब करना था

सितम क्या है कि ख़ुद बेज़ार बैठा है वो लड़का आज
जिसे कल ग़ैर की बस्ती को भी शादाब करना था
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Rehaan
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हटा पर्दा जो इक चेहरे से तो धक्का लगा मुझ को
कि हर इक़रार हर इज़हार फिर धोखा लगा मुझ को

न था इक बूँद भी आँसू गवारा जिस की आँखों में
वही दिल तोड़ कर लेकिन बड़ा अच्छा लगा मुझ को
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Rehaan
ये इल्म के साथ भी कि शायद यही मुलाक़ात आख़िरी हो
मैं जा रहा हूँ उसे कोई अलविदा वगैरह कहे बिना ही
Rehaan
इक रोज़ मैं ने उस सेे ही वापस मिलाया था उसे
और ले गई इक दिन मुझे फिर छीन कर वो मुझ सेे ही
Rehaan
उसे अगर समझना हो तो उस को ये इशारा है
कि उस की इक सहेली मुझ को जानती ब-ख़ूबी है
Rehaan
थी दिल-लगी की ख़बर हमें भी था इल्म उन को भी आशिक़ी का
ये हादसा है कि अपनी-अपनी जगह पे दोनों मुकर गए हैं
Rehaan
मिलना क़ुबूल तेरे होंठों से होंठ लेकिन
होंठों के मिलने भर से मिलते नहीं हैं दो दिल
Rehaan
है क़ुबूल तुम को भरना सर-ए-आम बाहों में पर
है ये शर्त फिर कभी तुम न मिलोगी आइने से
Rehaan
वादे तो सभी कर लूँ मैं क़ुबूल तेरे पर
वादो की बिना पे जाँ उल्फ़तें नहीं टिकतीं
Rehaan
तोहफ़े तो सभी क़ुबूल हैं तुम्हारे पर सुनो
तोहफ़ों के शजर पे जाँ कभी शग़फ़ नहीं खिला
Rehaan
चॉकलेट तो क़ुबूल है तुम्हारा पर सुनो
ये नुमाइशें न ला सकेंगी रिश्तों में मिठास
Rehaan
क़ुबूल है मुझे इज़हार जो किया उस ने
है शर्त बस कि न पूछे अतीत वो मेरा
Rehaan
क़ुबूल है दिया उस ने गुलाब जो मुझ को
है शर्त बस ये कि बाक़ी गुलाब फेंक दे वो
Rehaan

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