Deepika Jain

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@deepikajain

Deepika Jain shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Deepika Jain's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
सब मारकर मुझे ही क्यूँ
आख़िर में फिर कुचल गए
Deepika Jain
बनकर हकीम आएँ जो
ज़ख़्मों को और मसल गए
Deepika Jain
अपने चेहरे पे हँसी हरदम सजाए रखता वो
सामने दुनिया के झूठा हँस के थकता क्यूँँ नहीं
Deepika Jain
मोहब्बत पे लिखी ग़ज़लें हज़ारों
पिता पर शे'र क्या लिखता है कोई
Deepika Jain
दोस्त आँसू पोछकर भी सच्चा लगता क्यूँँंँ नहीं
कुछ ग़लत देखा तू ने तो मुझ सेे पूछा क्यूँँंँ नहीं
Deepika Jain
किस ने तेरे कानो में डाला ज़हर मेरे ख़िलाफ़
कोई साज़िश कर रहा था गर तू संँभला क्यूँँंँ नहीं
Deepika Jain
सच्ची उल्फ़त कर के हम दोनों ही पछताएँ यहाँ
मैं तुझी से हारी लेकिन तू भी जीता क्यूँँ नहीं
Deepika Jain
अपने चेहरे में हँसी हरदम सजाए रखता वो
सामने दुनिया के झूठा हँस के थकता क्यूँँ नहीं
Deepika Jain
तेरे हाथों दफ़न होकर सोचती हूँ ये ही 'दीप'
प्यार के बदले ख़ुदा भी प्यार लिखता क्यूँँंँ नहीं
Deepika Jain
गुज़ारा ! अश्क पी कर कोई करता
तो दरिया पी के भी प्यासा है कोई
Deepika Jain
था उसी से इश्क़ और उस सेे रहेगा, या ख़ुदा
उस ने देखा कुछ ग़लत तो मुझ सेे पूछा क्यूँँ नहीं
Deepika Jain
साथ जीने मरने के वादे किए थे हम ने तो
मार कर तू ही मुझे फिर साथ लेटा क्यूँँंँ नहीं
Deepika Jain
हर तरफ़ से पहरा ख़ामोशी का हटता क्यूँँंँ नहीं
मुझ सेे थी नाराज़गी तो मुझ पे बरसा क्यूँँंँ नहीं
Deepika Jain
ग़ज़ल में 'दीप' ने ख़ुद को समेटा
मगर हर्फ़ों में याँ बिखरा है कोई
Deepika Jain
मुझे ख़्वाबों में देखोगे भी कैसे
तुम्हारे दिल में जब रहता है कोई
Deepika Jain
मोहब्बत खेल है गर तो बताओ
खिलौना दिल से भी सस्ता है कोई
Deepika Jain
ग़मों को दफ़्न कर हँसता है कोई
सिसक के रोता वो बच्चा है कोई
Deepika Jain
माँ नहीं "दीप" दुनिया में तेरे पास
दूर तू कैसे फिर थकान करे
Deepika Jain
जिन घरों में मुझे रौनकें दिखती थीं
घर वही दिखते क्यूँ आज वीरान हैं
Deepika Jain
मेरे मरने की दुआ माँग रहे थे जो 'दीप'
बद-दुआ में ही मुझे उन का हुनर लगता है
Deepika Jain

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