Harshwardhan Aurangabadi

Harshwardhan Aurangabadi

@harshwardhan_Aurangabadi

Harshwardhan Aurangabadi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Harshwardhan Aurangabadi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
बचा गर सकोगे मुझे उस के ग़म से
तभी ख़ुद-कुशी से मुझे तुम बचाना
Harshwardhan Aurangabadi
हमेशा याद आता है हमारा खेल बचपन का
तेरा दूल्हा बना था मैं मेरी दुल्हन बनी थी तुम
Harshwardhan Aurangabadi
उस के हक में मुझे जो लगा कर दिया
क़ैद से उस को हम ने रिहा कर दिया

बात हिम्मत से दिल की कही थी मगर
आपने जो सुना अन-सुना कर दिया
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Harshwardhan Aurangabadi
अगर सब कहेंगे यूँंँ हिज़रत पे गज़लें
कहाँँ फिर मिलेगी मोहब्बत पे गज़लें

मोहब्बत मोहब्बत मैं गाता रहूँँगा
अगर तुम सुनाओगे नफ़रत पे गज़लें
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Harshwardhan Aurangabadi
आने वाली नस्ल पढ़ के रोएगी
दर्द हम इतना लिखेंगे उम्र भर
Harshwardhan Aurangabadi
ज़रूरत पड़े तो कभी कॉल करना
तुम्हारे लिए हम हमेशा रहेंगे
Harshwardhan Aurangabadi
मोहब्बत वो मुझ सेे ही करती थी, बेशक
मगर, उस के यारों ने भटका दिया है
Harshwardhan Aurangabadi
मेरे इस जन्म-दिन पर मौत भी हैरान है यारों
न जाने कब तलक ज़िंदा रहेगा दर्द में वर्धन
Harshwardhan Aurangabadi
रफ़्ता-रफ़्ता सब कुछ खोने को बैठा हूँ
क्यूँँ चाहत में पागल होने को बैठा हूँ

ना आया था साथी मेरा, ना आएगा
सजदे में, राहों पर रोने को बैठा हूँ
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Harshwardhan Aurangabadi
तेरी याद में हम ने ग़ज़लें कही थी
तभी तो बड़ा ख़ूब ये साल गुज़रा
Harshwardhan Aurangabadi
वो अपनी ज़िंदगी में, हम सफ़र कुछ यूँँ बदलते हैं
नया गर मिल गया कोई, पुराना छोड़ देते हैं
Harshwardhan Aurangabadi
क़दर कर लो ज़रा वरना तरस जाओगे मिलने को
जब आएगी ख़बर तुम तक कि अब तो मर गया 'वर्धन'
Harshwardhan Aurangabadi
किसी का ज़िंदगी भर साथ देंगे
किसी को हम ने वा'दा कर दिया है
Harshwardhan Aurangabadi
मेरे दिल में रहने के काबिल नहीं थी
मुझे छोड़कर उस ने अच्छा किया है
Harshwardhan Aurangabadi
उस के दिल में कोई तो है, और ये
ज़ेहन से मेरे उतरता ही नहीं
Harshwardhan Aurangabadi
ख़बर मेरे चले जाने की सब को मिल गई होगी
किसी का जश्न होगा अब कोई मातम मनायेगा
Harshwardhan Aurangabadi
मैं सहम के ठहर ही गया भीड़ में
जब तुम्हारे लबों ने कहा अलविदा
Harshwardhan Aurangabadi
तेरा पास आना, तेरा दूर जाना
नहीं है मोहब्बत, यही है हक़ीक़त
Harshwardhan Aurangabadi
ग़मों के बा'द होंठों पर मुझे मुस्कान रखना है
हथेली पर हमें दुश्मन से आगे जान रखना है

अगर मैं ना रहा तो तुम भी सरहद को चले जाना
तिरंगे से लिपट आएँ यही अरमान रखना है
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Harshwardhan Aurangabadi
वस्ल की आख़िरी वो घड़ी याद है
वो जहाँ रू-ब-रू थी गली याद है

जो ख़फ़ा हो के जाती रक़ीबों तलक
मुझ को वो सरफिरी मनचली याद है
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Harshwardhan Aurangabadi

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