SAAGAR SINGH RAJPUT

SAAGAR SINGH RAJPUT

@iamssr31

SAAGAR SINGH RAJPUT shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in SAAGAR SINGH RAJPUT's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
मैं तेरे अलावा नहीं हूँ किसी का
ये तेरे अलावा सभी को पता है
SAAGAR SINGH RAJPUT
आप भी तोड़ते हो गुलों को
आप के पास भी दिल नहीं है
SAAGAR SINGH RAJPUT
मुझे कह रहे हो बुरा इस का मतलब
ये दुनिया अभी तुम ने देखी नहीं है
SAAGAR SINGH RAJPUT
हम आपस में ऐसे ही लड़ते रहेंगे
हमें दुश्मनों की ज़रूरत नहीं है
SAAGAR SINGH RAJPUT
जानलेवा गुनाह कर लूँगा
तेरे बिन भी निबाह कर लूँगा

तू भी अपना निकाह कर लेना
मैं भी अपना विवाह कर लूँगा
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SAAGAR SINGH RAJPUT
उदासी जान की दुश्मन बनी है
बहुत ख़तरे में मेरी ज़िंदगी है

सहारा चाहिए मुझ को तुम्हारा
पता इस वक़्त मेरा बम्बई है
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SAAGAR SINGH RAJPUT
किसी को याद कर के मुस्कुराना
किसी की याद में सब भूल जाना

यही है आशिक़ों का काम यारो
इसी को इश्क़ कहता है ज़माना
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SAAGAR SINGH RAJPUT
हमें अपना बना लो या हमें तुम मार दो लड़की
तुम्हारा जो भी दिल चाहे हमें उपहार दो लड़की

तुम्हें हम मान कर अपना कई सालों से बैठे हैं
हमें बे-हद ज़रूरत है हमें अब प्यार दो लड़की
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SAAGAR SINGH RAJPUT
बाज़ार में नसीब का सिक्का जो चल पड़ा
आक़िल मिलेगा पैर पे बैठा गँवार के

ग़म छोड़ते नहीं हैं मिरा साथ और मैं
बैठा हूँ इंतिज़ार में कब से बहार के
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SAAGAR SINGH RAJPUT
फ़रिश्तों की मुझ को ज़रूरत नहीं है
मिरे सर पे है हाथ मेरे पिता का
SAAGAR SINGH RAJPUT
किसी की याद में रो रो के रातें तुम गुज़ारोगे
बड़ी ही बेरुख़ी से ख़ुद को शीशे में निहारोगे

हमारे दिल के ऊपर जो सितम तुम ने किए हैं जाँ
उन्हें तुम याद कर के बे-वफ़ा ख़ुद को पुकारोगे
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SAAGAR SINGH RAJPUT
मिरी जाँ आजकल आशिक़ तुम्हारा बेसहारा है
तुम्हारी याद ही जीने का मेरे अब सहारा है

मिलूँगा गर कभी तुम सेे बताऊँगा तुम्हें जानाँ
तुम्हारे बा'द जो मैं ने यहाँ जीवन गुज़ारा है
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SAAGAR SINGH RAJPUT
मुहब्बत है अगर करनी तो पागल यार हो जाओ
भरे सावन का आवारा सा बादल यार हो जाओ

भले ही दिल लिए पत्थर का फिरते हो ज़माने में
मगर माशूक़ की नज़रों से घाइल यार हो जाओ
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SAAGAR SINGH RAJPUT
तुम मिसाल-ए-मुहब्बत हो 'सागर'
तुम किसी से भी नफ़रत न करना
SAAGAR SINGH RAJPUT
मुहब्बत है मुझे तुझ सेे मगर मैं कह नहीं सकता
मैं तेरे बिन भी ऐ लड़की क़सम से रह नहीं सकता

चली आ तू नदी बनकर मुझे अपना बनाने को
मैं सागर हूँ मिरी जाँ इस लिए मैं बह नहीं सकता
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SAAGAR SINGH RAJPUT
आज तस्वीर तेरी मुझे दिख गई
शे'र लिखने पड़ेंगे मुझे रात भर
SAAGAR SINGH RAJPUT
मेरी आँखों से दरिया निकलने लगा
तेरी तस्वीर को जब जलाने लगे
SAAGAR SINGH RAJPUT
हसीना एक बचपन से हमारे दिल में रहती है
हमारी ज़िंदगी हम ने उसी के नाम कर दी है

अगर हम ये कहें तो बात सौ फ़ीसद सही होगी
उसे चाहा उसे पूजा उसी की बंदगी की है
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SAAGAR SINGH RAJPUT
किसी के प्यार में तुम को अगर बर्बाद होना है
तो सागर से मिलो जा कर वो अच्छे से सिखा देगा
SAAGAR SINGH RAJPUT
भरोसे का मिरे अब मान रखना तुम
मिरी जाँ हो यही पहचान रखना तुम

सुना है सर्दियाँ हैं माइनस पंद्रह
सुनो अपना ज़ियादा ध्यान रखना तुम
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