Jigar Moradabadi

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Jigar Moradabadi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Jigar Moradabadi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
जो उन पे गुज़रती है किस ने उसे जाना है
अपनी ही मुसीबत है अपना ही फ़साना है
Jigar Moradabadi
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यही है ज़िंदगी तो ज़िंदगी से ख़ुद-कुशी अच्छी
कि इंसाँ आलम-ए-इंसानियत पर बार हो जाए
Jigar Moradabadi
जो तूफ़ानों में पलते जा रहे हैं
वही दुनिया बदलते जा रहे हैं
Jigar Moradabadi
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ज़िन्दगी इक हादसा है और कैसा हादसा
मौत से भी ख़त्म जिस का सिलसिला होता नहीं
Jigar Moradabadi
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बहुत हसीन सही सोहबतें गुलों की मगर
वो ज़िंदगी है जो काँटों के दरमियाँ गुज़रे
Jigar Moradabadi
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हाए रे मजबूरियाँ, महरूमियाँ, नाकामियाँ
इश्क़ आख़िर इश्क़ है, तुम क्या करो, हम क्या करें
Jigar Moradabadi
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आ कि तुझ बिन इस तरह ऐ दोस्त घबराता हूँ मैं
जैसे हर शय में किसी शय की कमी पाता हूँ मैं
Jigar Moradabadi
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ऐ इश्क़-ए-जुनूँ-पेशा हाँ इश्क़-ए-जुनूँ-पेशा
आज एक सितमगर को हँस हँस के रुलाना है
Jigar Moradabadi
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जब मिली आँख होश खो बैठे
कितने हाज़िर जवाब हैं हम लोग
Jigar Moradabadi
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दिल में किसी के राह किए जा रहा हूँ मैं
कितना हसीं गुनाह किए जा रहा हूँ मैं
Jigar Moradabadi
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वही है ज़िंदगी लेकिन 'जिगर' ये हाल है अपना
कि जैसे ज़िंदगी से ज़िंदगी कम होती जाती है
Jigar Moradabadi
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दुनिया को मारा जिगर के शे'रों ने
जिगर को शराब ने मारा
Jigar Moradabadi
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इक लफ़्ज़-ए-मोहब्बत का अदना ये फ़साना है
सिमटे तो दिल-ए-आशिक़ फैले तो ज़माना है
Jigar Moradabadi
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यूँँ दिल को तड़पने का कुछ तो है सबब आख़िर
या दर्द ने करवट ली या तुम ने इधर देखा
Jigar Moradabadi
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हुस्न को भी कहाँ नसीब 'जिगर'
वो जो इक शय मिरी निगाह में है
Jigar Moradabadi
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हम ने सीने से लगाया दिल न अपना बन सका
मुस्कुरा कर तुम ने देखा दिल तुम्हारा हो गया
Jigar Moradabadi
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या वो थे ख़फ़ा हम से या हम हैं ख़फ़ा उन से
कल उन का ज़माना था आज अपना ज़माना है
Jigar Moradabadi
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मोहब्बत में हम तो जिए हैं जिएँगे
वो होंगे कोई और मर जाने वाले
Jigar Moradabadi
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गुदाज़-ए-इश्क़ नहीं कम जो मैं जवाँ न रहा
वही है आग मगर आग में धुआँ न रहा
Jigar Moradabadi
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गरचे अहल-ए-शराब हैं हम लोग
ये न समझो ख़राब हैं हम लोग
Jigar Moradabadi
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