Kumar Rishi

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@kumar-rishi

Kumar Rishi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Kumar Rishi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Nazm
तू यहाँ से गुज़रेगी कभी
कब से मेरी आँखें हैं बिछी
Kumar Rishi
ये उदासी कब मिटेगी
ये अँधेरा कब छटेगा

ग़म के बादल कब हटेंगे
ये उजाला कब दिखेगा
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Kumar Rishi
हम गले मिलें भी
और पता भी ना हो

इक दूसरे को छू लें
और ख़ता भी ना हो
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Kumar Rishi
वो मेरी बाँहों में आ ना सका
मैं उन की बाँहों में जा ना सका

बातें दिल की दिल में ही रह गईं
आँसू भी आँखों में आ ना सका
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Kumar Rishi
बोलो क्या लिखूँ मैं ऐसा कि कमाल हो जाए
सो चुके जवाबों से कोई सवाल हो जाए
Kumar Rishi
जैसे ही मुझे उसे मनाना आ गया
मेरे और उस के बीच ज़माना आ गया
Kumar Rishi
जितने दिन उस के बिन गुजरते हैं
उतने दिन हम जीते नहीं मरते हैं
Kumar Rishi
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चराग़ में रौशनी माना कम है
मग़र मिरे हौंसलों में भी दम है

हवा से है दोस्ताना मेरा भी
उड़ान के वास्ते इक आसमाँ कम है
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Kumar Rishi
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ख़ूब-सूरत चेहरे यूँँ हीं हिजाब में नहीं होते
बेवजह काँटे यूँँ हीं गुलाब में नहीं होते
Kumar Rishi
ज़िन्दगी में हर किसी को हर ख़ुशी नहीं मिलती
मौत माँगने पर भी इस जहाँ में मौत नहीं मिलती
Kumar Rishi
बड़ा बे-दर्द होता है आसमान
ज़मीं से छीन लेता है इंसान
Kumar Rishi
कभी वो पास तो कभी इतनी दूर लगती है
कभी इस जहाँ की तो कभी अंबर की हूर लगती है
Kumar Rishi
उस की यादों में मैं पागल हुए जा रहा हूँ
ना जाने कैसे ये ज़िन्दगी जिए जा रहा हूँ
Kumar Rishi
दिलों के ज़ख़्मों को यूँँ हीं मिटाया नहीं जा सकता
कि तेरा हो गया मैं अब मिटाया नहीं जा सकता
Kumar Rishi
उस के बिना ज़िन्दगी का गुज़ारा ना होगा
हम को पता है कि वो अब हमारा ना होगा
Kumar Rishi