NISHKARSH AGGARWAL

NISHKARSH AGGARWAL

@nishkarshag392088

NISHKARSH AGGARWAL shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in NISHKARSH AGGARWAL's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

4

Content

41

Likes

55

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal
सुना है रात दिन रोते हो हैरत है
अभी तक तुम नहीं बदले हो हैरत है

कभी माँ को ख़ुदा समझा नहीं तुम ने
सनम को तुम ख़ुदा कहते हो हैरत है
Read Full
NISHKARSH AGGARWAL
वो सुन रहा है आज मेरी शा'इरी
तो आज मेरी शा'इरी की ईद है

वो देख लें भर के नज़र जिस शख़्स को
तो फिर समझ लो यार उस की ईद है
Read Full
NISHKARSH AGGARWAL
पहले रोते थे तो सो जाते थे
अब जो रोते हैं तो बस रोते हैं
NISHKARSH AGGARWAL
कल छत पे तुझे देख सनम चाँद यूँँ बोला
ये किस ने बनाया ज़मीं पे चेहरा हमारा
NISHKARSH AGGARWAL
जब ख़ुद-कुशी न कर सका वो अपने दुख से तब
उस को किसी ने यार मिरा दुख बता दिया
NISHKARSH AGGARWAL
तेरी इन यादों की धीमी आँच पे,
रोज़ जलता है सनम ये दिल मिरा
NISHKARSH AGGARWAL
तेरी इन यादों की धीमी आँच पे
रोज़ जलता है सनम ये दिल मेरा
NISHKARSH AGGARWAL
उसे तो देख के जीने का मन करे दोस्त
वो कैसे लोग हैं जो उस को देख मरते हैं
NISHKARSH AGGARWAL
मैं ने ख़ुद को बना लिया बेहतर
काश तुम मुझ को अब मिली होती
NISHKARSH AGGARWAL
वो कह रहें हैं सब सहीं है देख तो
मैं कह रहा हूँ देख मुझ को छोड़ कर
NISHKARSH AGGARWAL
मुझे अब किसी से मुहब्बत न होगी
अगर हो भी जाए तो रग़बत न होगी
NISHKARSH AGGARWAL
ग़म-ज़दा रहने वो नहीं देता
ख़ुश यूँँ मुझ सेे रहा नहीं जाता
NISHKARSH AGGARWAL
ख़ामोशी वो भी इतनी मेरे उस के दरमियाँ
इस दिल के टूटने की सदा आ गई उसे
NISHKARSH AGGARWAL
ढूंढ़ लेंगी ये नज़रें फिर तुम को
नज़रों से कब तलक बचोगे तुम
NISHKARSH AGGARWAL
अब वो भी देखे मेरे ही इंतिज़ार को बस
सो उस के दर पे रख आया मैं ये आँखें अपनी
NISHKARSH AGGARWAL
तुम सेे बिछड़ के आई हमें ये सुख़नवरी
हम को तुम्हारी याद ने शाइ'र बना दिया

पंछी मुझे कहीं तू अकेला न छोड़ दे
इस डर से मैं ने यार तुझे ख़ुद उड़ा दिया
Read Full
NISHKARSH AGGARWAL
गर रो रहा हूँ मैं तो कमज़ोर मत समझना
ये रोना है बनाता मज़बूत यार मुझ को
NISHKARSH AGGARWAL
कैसे मैं आ जाऊँ ऐ यार तेरी सोहबत में
मैं ग़ुलाम बन के बैठा हूँ इस मोहब्बत में
NISHKARSH AGGARWAL
हुआ धूप का जब असर ज़िन्दगी पर
किताबों से तब मैं ने साया लिया है
NISHKARSH AGGARWAL
रोज़ जाते हो तुम वक़्त को रोक कर
आज तुम ठहरों, इस वक़्त को जाने दो
NISHKARSH AGGARWAL

LOAD MORE