ARahman Ansari

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ARahman Ansari shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in ARahman Ansari's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
ये नदी वर्ना तो कब की पार थी
मेरे रस्ते में अना दीवार थी

आप को क्या इल्म है इस बात का
ज़िंदगी मुश्किल नहीं दुश्वार थी

थीं कमानें दुश्मनों के हाथ में
और मेरे हाथ में तलवार थी

जल गए इक रोज़ सूरज से चराग़
रौशनी को रौशनी दरकार थी

आज दुनिया के लबों पर मुहर है
कल तलक हाँ साहब-ए-गुफ़्तार थी
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ARahman Ansari
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सफ़र भी तर्क हुआ है कभी मुसाफ़िर से
घरों को छोड़ के निकले हैं आज हम फिर से
ARahman Ansari
उन को मरना पड़ा ख़ुदा की क़सम
जिनपे एहसान ज़िंदगी के थे

जंग लड़ना मज़ाक़ थोड़ी था
कितने नुक़सान आदमी के थे
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ARahman Ansari
उजले उजले मंज़र ओढ़े रहती है
धरती धूप की चादर ओढ़े रहती है

प्यास लबों को तर करने की चाहत में
अक्सर सात समुंदर ओढ़े रहती है
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ARahman Ansari