Shahid Zaki

Shahid Zaki

@shahid-zaqi

Shahid Zaki shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shahid Zaqi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

37

Content

38

Likes

515

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal
मैं बिखर गया तो सँवर गया मेरे मुंसिफ़ो को ये दुख रहा
वही फ़ैसला मेरे हक़ में था जो मेरे ख़िलाफ़ किया गया
Shahid Zaki
ये मुझे नींद में चलने की जो बीमारी है
मुझ को इक ख़्वाब-सरा अपनी तरफ़ खींचती है
Shahid Zaki
29 Likes
मिरे गुनाह की मुझ को सज़ा नहीं देता
मिरा ख़ुदा कहीं नाराज़ तो नहीं मुझ से
Shahid Zaki
31 Likes
उस एक ख़त ने सुख़न-वर बना दिया मुझ को
वो एक ख़त कि जो लिक्खा नहीं गया मुझ से
Shahid Zaki
29 Likes
वो ना-समझ मुझे पत्थर समझ के छोड़ गया
वो चाहता तो सितारे तराशता मुझ से
Shahid Zaki
25 Likes
ऐ आसमान तेरी इनायत बजा मगर
फ़स्लें पकी हुई हों तो बारिश फ़ुज़ूल है
Shahid Zaki
35 Likes
किसी ने कहा था टूटी हुई नाव में चलो
दरिया के साथ आप की रंजिश फ़ुज़ूल है
Shahid Zaki
28 Likes
इतना मसरूफ़ हूँ जीने की हवस में 'शाहिद'
साँस लेने की भी फ़ुर्सत नहीं होती मुझ को
Shahid Zaki
29 Likes
ऐसा बदला हूँ तिरे शहर का पानी पी कर
झूट बोलूँ तो नदामत नहीं होती मुझ को
Shahid Zaki
29 Likes
मैं तो ख़ुद बिकने को बाज़ार में आया हुआ हूँ
और दुकाँ-दार ख़रीदार समझते हैं मुझे
Shahid Zaki
28 Likes
मैं आप अपनी मौत की तय्यारियों में हूँ
मेरे ख़िलाफ़ आप की साज़िश फ़ुज़ूल है
Shahid Zaki
32 Likes
मैं बदलते हुए हालात में ढल जाता हूँ
देखने वाले अदाकार समझते हैं मुझे
Shahid Zaki
43 Likes
लाशों में एक लाश मिरी भी न हो कहीं
तकता हूँ एक एक को चादर उठा के मैं
Shahid Zaki
38 Likes
हो न हो एक ही तस्वीर के दो पहलू हैं
रक़्स करता हुआ तू आग में जलता हुआ मैं
Shahid Zaki
28 Likes
यार भी राह की दीवार समझते हैं मुझे
मैं समझता था मेरे यार समझते हैं मुझे
Shahid Zaki
65 Likes