Shamsul Hasan ShamS

Shamsul Hasan ShamS

@shams_lyricist

Shamsul Hasan ShamS shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shamsul Hasan ShamS's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

4

Content

40

Likes

52

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal
कब तलक उस की जुदाई का करेंगे मातम
यार अब हल भी तो करने हैं मसाइल घर के
Shamsul Hasan ShamS
हमें तुम सेे शिकायत तो नहीं बस
तुम्हें यकदम से छोड़ा जा रहा है

किसी की याद क़ाबिज़ है नहीं तो
जुनूँ में सर को फोड़ा जा रहा है
Read Full
Shamsul Hasan ShamS
कुछ दिनों से मैं यूँँ परेशाँ हूँ
मेरी मिट्टी से क्या बना है मेरा
Shamsul Hasan ShamS
बहुत करने लगी हो ज़िक्र मेरा
किसी दिन इश्क़ कर बैठोगी मुझ सेे
Shamsul Hasan ShamS
आ रही है हिज़्र की बू आप की परछाईं से
आप को तो वस्ल की ख़ुशबू लगानी चाहिए
Shamsul Hasan ShamS
मेरी आँखों ने भी वहशत का सबब जान लिया
किसी के दुख पे तुम्हें रोते हुए देखता था
Shamsul Hasan ShamS
बहुत आगे निकल सकता हूँ लेकिन
तुम्हारा इश्क़ आड़े आ रहा है
Shamsul Hasan ShamS
यार किस रम्ज़ से होती हैं तेरी आँखें नम
कौन सा दुख है मोहब्बत के अलावा तुझ को
Shamsul Hasan ShamS
ज़ख़्म भरते नहीं हैं तेरे दिए
थक गए हम दवा बनाते हुए
Shamsul Hasan ShamS
हम ऐसे ढूँढ़ते हैं तुझ को जैसे
मुसाफ़िर थक के साया ढूँढ़ता है
Shamsul Hasan ShamS
आप चाहें तो कहीं और भी रह सकते हैं
दिल हमारा है तो मर्ज़ी भी हमारी होगी
Shamsul Hasan ShamS
मंज़िल पे नहीं आ सका है कोई अभी तक
उस सेे छुड़ा के हाथ सभी रास्ते में हैं
Shamsul Hasan ShamS
जो उस के साथ बाँधी थी रिवायत तोड़ दी मैं ने
जो वो पूछे तो कह देना मोहब्बत छोड़ दी मैं ने
Shamsul Hasan ShamS
मैं इस लिए भी मोहब्बत न कर सका तुम सेे
तुम्हारा इश्क़ मेरा रिज़्क़ छीन सकता था
Shamsul Hasan ShamS
डर था तन्हाईयाँ थीं वहशत थी
मुझ सेे एक शख़्स को मोहब्बत थी

उस के उतना ही काम आया मैं
जिस को जितनी मेरी ज़रूरत थी
Read Full
Shamsul Hasan ShamS
हम अपने आप मर जाएँगे इक दिन
तुम्हारा छोड़ना ज़ाया' रहेगा
Shamsul Hasan ShamS
कलेजा खींचती है याद उस की
वो इक चेहरा बहुत याद आ रहा है

तुम्हारे हिज्र का ग़म इन दिनों में
मेरे चहरे की रौनक़ खा रहा है
Read Full
Shamsul Hasan ShamS
कह दिया काफ़िर उसे तो क्या वो काफ़िर हो गया
कौन जाने किस के सीने में ख़ुदा मौजूद है
Shamsul Hasan ShamS
ख़ुदा महफ़ूज़ रक्खे हर बला से
तेरी आँखों का सदक़ा दे रहा हूँ
Shamsul Hasan ShamS
ये पानी सर से ऊपर हो रहा है
घड़े में किस ने पत्थर भर दिए हैं
Shamsul Hasan ShamS

LOAD MORE