Abhay Mishra

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@shayari_withabhay

Abhay Mishra shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Abhay Mishra's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
बहुत डूबे चलो अब तो किनारा कर लिया जाए
हमारा था उसे मेरा तुम्हारा कर लिया जाए

अँधेरा है बहुत चारों तरफ़ कुछ ऐसा करते हैं
जलाकर दरमियाँ का सब उजाला कर दिया जाए
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Abhay Mishra
देरी से समझोगे इनका साथ मगर तुम क्या जानो
ऐसे लोगों का होना जो ख़ूब अकेले रहते हैं
Abhay Mishra
हम भी उसी अंजाम पे आ कर हुए ख़ुद से फ़ना
जिस मोड़ के आगे समुंदर के सिवा कुछ भी नहीं
Abhay Mishra
ज़रा सी बात है वो भी समझ आती नहीं तुम को
कहो तो शा'इरी कह कर उसे आसान कर दूँ मैं
Abhay Mishra
जा रहा हूँ दूर उस से एक अर्से के लिए
एक अर्से के लिए हम को रवानी चाहिए
Abhay Mishra
बाक़ी पत्थर तो फिर पूरे रस्ते भर में होते हैं
पहली ठोकर समझाती है आगे कैसे जाना है
Abhay Mishra
ज़ुल्फ़ें उस की घोर घने काले बादल सी फैल गईं
झोंका मुझ को एक हवा का पागल कर के बैठ गया
Abhay Mishra
उस को मैं ने देख लिया था जाने न कितने रंगों में
फिर जो मुझ को याद रहा हल्का सा गुलाबी कुर्ता था
Abhay Mishra
ज़माना धूप से गुज़रा ज़माना शाम से गुज़रा
हमारे इश्क़ का क़िस्सा हमारे नाम से गुज़रा

सुनी फिर से कहानी जो हमारे दूर जाने की
सुहाना दिन हमारा फिर पुराने जाम से गुज़रा
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Abhay Mishra
तुझे बस देखने का काम मैं ने
हमेशा मन लगाकर के किया है
Abhay Mishra
उस ने मुझ से पूछा था ये इश्क़ मुझे भी समझाओ
मैं ने बोला बस थोड़ी सी आग लगी है पानी में
Abhay Mishra
नदी के इस किनारे पर अगर हम तुम न होते तो
नदी बह भी नहीं पाती नदी रो भी नहीं पाती
Abhay Mishra
यही बस याद रखना है तुझे अब
लगेगा पर उसे कहना नहीं है
Abhay Mishra
पुराने ज़ख़्म कर डाले हरे सब
जला कर के नई तस्वीर उस की
Abhay Mishra
किया है इश्क़ तो इतना न सोचो
बनो पागल जहाँ तक हो सके तुम
Abhay Mishra
गुल-बदन तू बस मुझे इतना बता दे
मैं तुझे छू कर भी क्यूँ ज़िंदा नहीं हूँ
Abhay Mishra
उफ़ानों सा उठा है शोर दिल में
लबों पे नाम तेरा आ रहा है

यही है वक़्त कहने का उसे सब
यही पैग़ाम कब से आ रहा है
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Abhay Mishra
दिया जब भी फि़ज़ा के पास आया
हवा ने तब शमा' दुश्मन बनाई
Abhay Mishra
उसे देखा मगर बोला नहीं मैं
कई दिन से यही सब चल रहा है
Abhay Mishra
सुख़न-वर बन गया अब तो बताओ
बताओगी नहीं तो हाँ समझ लूँ
Abhay Mishra

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