Shubham Mishra

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@shubhshubhamm

Shubham Mishra shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shubham Mishra's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
दिल-ओ-ज़ेहन में मेरे घर कर गए तुम
असरदार थे बे-असर कर गए तुम

सजाकर रखे थे जो एहसास अपने
अचानक इधर से उधर कर गए तुम
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Shubham Mishra
मैं इन अनजान लोगों में सहारा ढूँढ़ लेता हूँ
भटकती कोई कश्ती हूँ किनारा ढूँढ़ लेता हूँ

भले कितना छुपाओ इस भरी महफ़िल में तुम ख़ुद को
मगर मैं भीड़ में झुमका तुम्हारा ढूँढ़ लेता हूँ
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Shubham Mishra
लकीरों में मेरी सलामत हैं कुछ लोग
यक़ीनन ख़ुदा की इनायत हैं कुछ लोग

जभी दिन ढला, रौशनी बन गए वो
मिले ज़िन्दगी में मुहब्बत हैं कुछ लोग
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Shubham Mishra
हाल क्या है ज़िन्दगी की क्या ख़बर है
हाँ वही उस आशिक़ी की क्या ख़बर है

थे बड़े मशहूर तब अल्फ़ाज़ उस के
है कहाँ उस शा'इरी की क्या ख़बर है
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Shubham Mishra
है शकर या नमक जानते हो नहीं
इस ज़माने को पहचानते हो नहीं

किसलिए मैं कहूँगा तुम्हें कुछ भी अब
बात सुनते तो हो मानते हो नहीं
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Shubham Mishra
बिछड़ कर हुआ क्या असर देखना है
कि मानो बिना छत के घर देखना है

रहा कम अमीरों से नाता हमारा
हमें पाँव से ज़्यादा सर देखना है
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Shubham Mishra