Sani Singh

Sani Singh

@singhsani356

Sani Singh shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Sani Singh's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
लग रहा बेहद भला वो देखने में
रूप से आँका गया है आदमी को
Sani Singh
सभी अरमान से जाएगा इक दिन
बनाई शान से जाएगा इक दिन

किसी को टूट कर के चाहता है
वो लड़का जान से जाएगा इक दिन
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Sani Singh
किसी को याद हर पल कर रहा हूँ
यक़ीनन ये मुसलसल कर रहा हूँ

मुकम्मल हो नहीं पाई मुहब्बत
सो अब ग़ज़लें मुकम्मल कर रहा हूँ
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Sani Singh
कैसे बदलेगी दशा एवं दिशा इस देश की
चुन रहे नेता युवा जब क़ाफ़िलों को देख कर
Sani Singh
कोई तो जादू है उन की ख़ूब-सूरत नज़रों में
इक नज़र देखा है जब से ज़िंदगी रौशन हुई
Sani Singh
हिफ़ाज़त भी शरारत भी हिदायत भी मुहब्बत भी
तुम्हारे ही लिए था सब तुम्हीं पे वार देता हूँ

फ़क़त मेरी वजह से तुम सदा ग़मगीन रहती हो
चलो तुम सेे अलग होकर तुम्हें मैं तार देता हूँ
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Sani Singh
किसी के प्यार में उलझा है दिल तो अब न सुलझेगा
सुलझ जाएगा भी तो एक दिन ये फिर से उलझेगा
Sani Singh
नहीं है पास तू मेरे अबस लगती हैं सब बातें
तेरा दीदार हो जाता तसल्ली दिल को मिल जाती
Sani Singh
तुम्हारे वास्ते हम ने हजारों ठोकरें खाई
मगर तुम सेे मिली हम को जुदाई और तन्हाई
Sani Singh
चुकाना था उन्हें चाहत का मेरी कर्ज़ भी लेकिन
उन्हें मोहलत की आशा थी मुहब्बत माँग बैठे हम
Sani Singh