Waseem Barelvi

Waseem Barelvi

@waseem-barelvi

Waseem Barelvi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Waseem Barelvi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
नज़र-अंदाज़ करने की सज़ा देनी थी तुझ को
तेरे दिल में उतर जाना ज़रूरी हो गया था
Waseem Barelvi
सब के चेहरे पे जो तनक़ीद किया करते हैं
आइना उन को दिखा दो तो मज़ा आ जाए
Waseem Barelvi
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जैसा दिखाई देने की करते हो कोशिशें
मैं ख़ूब जानता हूँ कि ऐसे नहीं हो तुम
Waseem Barelvi
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कोई शिकवा न करे बहते हुए पानी से
कश्तियाँ डूबी हैं कुछ अपनी ही मनमानी से
Waseem Barelvi
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ध्यान रहे ये लोग तुम्हारी सफ़ में डर कर आए हैं
तुम को ज़िंदा क्या रक्खेंगे जो ख़ुद मर कर आए हैं
Waseem Barelvi
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रात तो वक़्त की पाबंद है ढल जाएगी
देखना ये है चराग़ों का सफ़र कितना है
Waseem Barelvi
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जाके लौटा है कहीं कोई हवा का झोंका
तुम ने क्या सोच के दरवाज़ा खुला रक्खा है
Waseem Barelvi
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तुझे पाने की कोशिश में कुछ इतना खो चुका हूँ मैं
कि तू मिल भी अगर जाए तो अब मिलने का ग़म होगा
Waseem Barelvi
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गुनाहगार को इतना पता तो होता है
जहाँ कोई नहीं होता ख़ुदा तो होता है
Waseem Barelvi
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दुआ करो कि सलामत रहे मिरी हिम्मत
ये इक चराग़ कई आँधियों पे भारी है
Waseem Barelvi
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उसे समझने का कोई तो रास्ता निकले
मैं चाहता भी यही था वो बे-वफ़ा निकले
Waseem Barelvi
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उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे
हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
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आँखों को मूँद लेने से ख़तरा न जाएगा
वो देखना पड़ेगा जो देखा न जाएगा
Waseem Barelvi
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ये मोहब्बत का फ़साना भी बदल जाएगा
वक़्त के साथ ज़माना भी बदल जाएगा
Waseem Barelvi
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प्यार की रात हो छत पर हो तेरा साथ तो फिर
चाँद को बीच में डाला नहीं जाता मुझ सेे
Waseem Barelvi
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ये गूँगों की महफ़िल है निकलना ही पड़ेगा
क्या इतनी ख़ता कम है कि हम बोल पड़े हैं
Waseem Barelvi
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निगाहों के तक़ाज़े चैन से मरने नहीं देते
यहाँ मंज़र ही ऐसे हैं कि दिल भरने नहीं देते

हमीं उन से उमीदें आसमाँ छूने की करते हैं
हमीं बच्चों को अपने फ़ैसले करने नहीं देते
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Waseem Barelvi
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शर्तें लगाई जाती नहीं दोस्ती के साथ
कीजे मुझे क़ुबूल मिरी हर कमी के साथ
Waseem Barelvi
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दूरी हुई तो उन सेे क़रीब और हम हुए
ये कैसे फ़ासले थे जो बढ़ने से कम हुए
Waseem Barelvi
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उसूलों पे जहाँ आँच आए टकराना ज़रूरी है
जो ज़िन्दा हों तो फिर ज़िन्दा नज़र आना ज़रूरी है
Waseem Barelvi
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