Yashvardhan Jain

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@yashvardhanja99721

Yashvardhan Jain shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Yashvardhan Jain's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
किसे बताओगी तुम हाल-ए-दिल अपना
अब कौन पूछेगा तुम सेे कैसी हो
Yashvardhan Jain
तपता सूरज आजकल किसी को नहीं चाहिए
सभी को हमेशा चाँद की चांदनी चाहिए

मुफ़लिसों से रिश्ता अब रखता नहीं कोई
सब को साथ में आदमी ख़ानदानी चाहिए
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Yashvardhan Jain
तुम्हारे क़दमों की आहट से ये दिल उछल पड़ता है
क्या हश्र होगा जाना जब तुम आ कर गले लगाओगी
Yashvardhan Jain
जिन पत्तियों ने छांव दी उन्हें पैरो तले रौंदा गया
घाव देने वाले गुलाब हमेशा लगे रहे सीने से
Yashvardhan Jain
क़दर नहीं होती जब मिल जाता है सब आसानी से
बहुत ज़रूरी है ज़िंदगी में इंतिज़ार होना
Yashvardhan Jain
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मुझे उस की हर अदाकारी, याद है
रूठना-मनाना हर किस्सा-कहानी, याद है

तस्वीरें फ़ोन से हटा दी है मैं ने मगर
उस का नंबर आज भी मुँह जबानी, याद है
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Yashvardhan Jain
अब ये कहानी चाहे जितनी लंबी चले
इस कहानी का सारांश रहोगी तुम
Yashvardhan Jain
दिल तो मेरा पागल था आँखें भी पागल लगती है
आती जाती हर लड़की तुझ जैसी मुझ को लगती है

साथ तुम्हारा रहता तो इमली भी मीठी हो जाती
बिना तुम्हारे ना जाने क्यूँ शक्कर भी फीकी लगती है
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Yashvardhan Jain