Zehra Nigaah

Zehra Nigaah

@zehra-nigaah

Zehra Nigaah shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Zehra Nigaah's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

17

Content

13

Likes

256

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
तुम से हासिल हुआ इक गहरे समुंदर का सुकूत
और हर मौज से लड़ना भी तुम्हीं से सीखा
Zehra Nigaah
ख़ताएँ दोनों की यकसाँ थी पर त'अज्जुब है
किसी को दाद मिली और किसी को रुसवाई
Zehra Nigaah
12 Likes
कहाँ के इश्क़-ओ-मोहब्बत किधर के हिज्र-ओ- विसाल
अभी तो लोग तरसते हैं ज़िन्दगी के लिए
Zehra Nigaah
21 Likes
नहीं नहीं हमें अब तेरी जुस्तुजू भी नहीं
तुझे भी भूल गए हम तिरी ख़ुशी के लिए
Zehra Nigaah
25 Likes
हर फ़िक्र की अपनी मंज़िल थी
हर सोच का अपना रस्ता था
Zehra Nigaah
18 Likes
एक के घर की ख़िदमत की और एक के दिल से मोहब्बत की
दोनों फ़र्ज़ निभा कर उस ने सारी उम्र इबादत की
Zehra Nigaah
32 Likes
अब भी कुछ लोग सुनाते हैं सुनाए हुए शे'र
बातें अब भी तिरी ज़ेहनों में बसी लगती हैं
Zehra Nigaah
30 Likes
अब इस घर की आबादी मेहमानों पर है
कोई आ जाए तो वक़्त गुज़र जाता है
Zehra Nigaah
35 Likes
छोटी सी बात पे ख़ुश होना मुझे आता था
पर बड़ी बात पे चुप रहना तुम्हीं से सीखा
Zehra Nigaah
31 Likes
इस उम्मीद पे रोज़ चराग़ जलाते हैं
आने वाले बरसों ब'अद भी आते हैं
Zehra Nigaah
36 Likes