Nishad

Nishad

@8794

Nishad shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Nishad's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Shayari
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  • Sher
खा रहा है कब से मुझ को इक सवाल
ज़िंदगी ज़िंदा रखेगी कब तलक
Nishad
दोस्त भी है, इश्क़ भी है, लेकिन इन
में दर्द भी है
इस लिए तो ज़िंदगी के फ़लसफ़े में शा'इरी है
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Nishad
भटकते फिर रहा है इक बदन से दूसरे तक ग़म
अब इस ग़म को थकन के मारे बस जी भर के रोना है
Nishad
अब इस सेे बेहतर कैसे समझाता मैं ख़ाली-पन उसे
मैं ने उसे ख़त भेजा और ख़त में लिखा कुछ भी नहीं
Nishad
आप को लम्स भी मुयस्सर है
मुझ को दीदार तक नसीब नहीं
Nishad
तुम सेे बिछड़े हैं तो कलेंडर ये
तब से बस फ़रवरी में अटका है
Nishad
देख कर तेरी नज़ाकत, ज़ेब-ओ-ज़ीनत
आइना भी तुझ सेा बनते जा रहा है
Nishad
भूलने की मेरी बीमारी भी देखो
भूल जाता हूँ कि उस को भूलना है
Nishad