Hasan Raqim

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@Hasanrmalik

Hasan Raqim shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Hasan Raqim's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Shayari
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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
अपनी आदत है अगर होना तो बस एक दिल का
कहने वाले इसी आदत को वफ़ा कहते हैं
Hasan Raqim
मेरी आँखों में बनकर ख़्वाब मुझ को आज़माती हैं
तेरी यादें अभी तक रातों की नींदें उड़ाती हैं

वो जिन अलमारियों में मैं तुम्हारी यादें रखता था
उन्हीं अलमारियों में अब किताबें धूल खाती हैं
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Hasan Raqim
तस्वीर इक जला के बुझाता रहा हूँ मैं
उस के ही पास लौट के जाता रहा हूँ मैं

ये ना-तमाम ख़्वाब हक़ीक़त हों किस तरह
हर पल तो अपनी नींद उड़ाता रहा हूँ मैं
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Hasan Raqim
तुझे खो कर ये अंदाज़ा हुआ मैं
तेरे साए का पीछा कर रहा था
Hasan Raqim
जीने भी नहीं देता मरने भी नहीं देता
न प्यार करे है ख़ुद करने भी नहीं देता
Hasan Raqim
वो कहता था कि आएगा ज़माना अपने मिलने का,
ज़माना हो गया यारों ज़माना होते होते भी
Hasan Raqim
न यार-दोस्त, मोहब्बत न दिल, मैं उस के बा'द
किसी का कुछ भी किसी भी तरह हुआ ही नहीं
Hasan Raqim
आप ने सब समझ लिया लेकिन
आप ने दिल को दिल नहीं समझा
Hasan Raqim
मुसीबतों में तो याद करते ही हैं किसी को ये लोग सारे
मगर कभी जो सुकूँ में आए ख़याल मेरा तो लौट आना
Hasan Raqim
ये माना सूरज सी रौशनी तो नहीं है इन
में
मगर चिरागों सा जल रहे हैं सो चल रहे हैं
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Hasan Raqim
ये जिस आग की बात तुम कर रहे हो
तुम उस आग का तो धुआँ भी नहीं हो
Hasan Raqim
वो मेरे बा'द सभी का ही हो गया देखो
मैं जिस के बा'द किसी और का हुआ ही नहीं
Hasan Raqim
किसी की मंज़िलों का अक्स बनके भी तो देख
किसी को रास्ता होकर गुज़र भी जाने दे
Hasan Raqim
वो क्या लगता है मेरा ये बताते दिन हो जाना है
ये बेहतर है कि तुम पूछो वो मेरा क्या नहीं लगता
Hasan Raqim
परों को खोलने के एक मौक़े' की ज़रुरत है
फिर उड़ने वालों को ये आसमाँ ऊँचा नहीं लगता
Hasan Raqim
न हाथ आगे करूँँ सामने सिवाए तेरे
न इतना देना कि मुझ को ग़ुरूर आ जाए
Hasan Raqim
लिखा था जिस के मुक़द्दर में वो, उसी का हुआ
वो मेरा होना नहीं था मेरा हुआ भी नहीं
Hasan Raqim
अब इस सेे बढ़के कोई मो'जिज़ा भला क्या हो
कि लोग इश्क़ में मरते हैं और मरते नहीं
Hasan Raqim
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जहाँ सब सितारों से करते हैं बातें
वहीं रहता हूँ मैं वहीं घर है मेरा
Hasan Raqim
असर ये माँ की दु'आओं का ही तो है ऐ दोस्त
कि होते होते कोई हादसा नहीं होता
Hasan Raqim

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