Pushpendra Mishra

Pushpendra Mishra

@ImPushpendraMishra

Pushpendra Mishra shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Pushpendra Mishra's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
पकड़ा ही था कब उस ने जो छोड़ा यार
काश दिया होता ही उस ने धोखा यार

तुझ को खो कर आज यक़ीं करना ही पड़ा
अपने बस में सचमुच कुछ नइ होता यार
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Pushpendra Mishra
इस दुनिया में कौन इजाज़त ले कर दुख देता है यार
रस्ते के पत्थर को यूँँ ही मार दिया करते हैं लोग
Pushpendra Mishra
ज़िंदगी देती है मौका हर किसी को
हम ने मौका दे दिया है ज़िंदगी को
Pushpendra Mishra
सब ने बोला था मिल कर खो जाओगे
अच्छा तो तुम ही हो भूल भुलैया क्या
Pushpendra Mishra
जिन का घर भी और उदर भी ख़ाली है
उन सेे पूछो असल में क्या बदहाली है
Pushpendra Mishra
मुकम्मल नज़्म तो ग़लती है मेरी
मुझे बस नाम लिखना था तुम्हारा
Pushpendra Mishra
अपने एक हुनर से सब को भौंचक्का कर देता हूँ
गूंगा होकर भी मैं तेरा नाम सही से लेता हूँ
Pushpendra Mishra
मुझ जैसे कितने हैं जिन को दिन के बदले रात मिली
गर्मी को मैं ने झेला है और उस को बरसात मिली

जिस को पाने की ख़ातिर में मैं पल-पल बेचैन रहा
यार क़यामत ला दूँगा गर उस को वो ख़ैरात मिली
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Pushpendra Mishra
जितना तेरा था मुझ
में सब तेरा है
अब जो कुछ भी मुझ
में है वो मेरा है

चाँद नहीं है अब से कोई भी मेरा
तो फिर मुझ को क्या बादल ने घेरा है
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Pushpendra Mishra
मुश्किल का आसाँ हो जाना मेरी क़िस्मत थोड़ी है
तुझ को छूना तुझ को पाना मेरी क़िस्मत थोड़ी है

एक झलक की ख़ातिर तेरी घंटों बैठा रहता हूँ
घर से तेरा बाहर आना मेरी क़िस्मत थोड़ी है
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Pushpendra Mishra
वही इक शे'र पढ़ कर याद आती थी मुझे उन की
वही उस शे'र के चलते ग़ज़ल मैं ने जला डाली
Pushpendra Mishra
उठ जाओ अब बन्धू मेरे आख़िर किस दिन जागोगे
भाग रहे हो मेहनत से मेहनत से कब तक भागोगे
Pushpendra Mishra
तुम ने जिस को चाहा है वो तो तुम को मिल जाएगी
उस का बतलाओ क्या होगा जिस ने तुम को चाहा है
Pushpendra Mishra
कहते हैं कैसे मुमकिन है पत्थर पानी पर तैरे
कौन बताए कितने पत्थर तैराए हैं पानी पर
Pushpendra Mishra