Khalid Azad

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@KhalidAzad

Khalid Azad shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Khalid Azad's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
मैं भी तो इसी ख़ाक से तामीर हुआ हूँ
मुझ
में भी कई रंग ज़माने के मिलेंगे
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Khalid Azad
मैं ने कमरे से देख ली दुनिया
तेरी तस्वीर सामने रख कर
Khalid Azad
दुख उदासी थकन को ओढ़े हुए
जी रहे हैं चलन को ओढ़े हुए
Khalid Azad
इक रोज़ अपनी सारी थकन को उतार कर
जाना पड़ेगा यार बदन को उतार कर
Khalid Azad
ख़ुद से मिले हुए जो ज़माने गुज़र गए
इक शख़्स आईने में पराया लगा मुझे
Khalid Azad
नाकामियों का बोझ न भारी पड़े मुझे
तन्हाइयों से इस लिए डरने लगा हूँ मैं
Khalid Azad
ख़्वाब में मुझ को अक्सर सहरा दिखते हैं
लगता है अब ऑंखें फूट के रोएगी
Khalid Azad
हमें सुनाओ कहानी उदास लोगों की
हमारा दिल तो इसी से हरा भरा होगा
Khalid Azad
अपने ही किसी ग़म का मुदावा नहीं होता
वरना तेरी दुनिया में तो क्या क्या नहीं होता
Khalid Azad
और कुछ रोज़ तेरे हिज्र का मातम होगा
फिर तो ये दर्द भी घट जाएगा रफ़्ता रफ़्ता
Khalid Azad
अब हद से गुज़र जाने का इमकान बहुत है
लुटने को अभी इश्क़ में सामान बहुत है

आँखों को सहूलत है उसे देख रही हैं
इतनी भी सहूलत तो मेरी जान बहुत है
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Khalid Azad
ख़ुद से मिलने का वक़्त मिल जाए
तेरे बारे में तब मैं सोचूँगा
Khalid Azad
मुसलसल रो रहे हैं इन दिनों हम
हमें किलकारियाँ मँहगी पड़ी हैं
Khalid Azad
ख़त्म होगा एक दिन ये भी सफ़र
एक दिन सब राएगाँ हो जाएगा
Khalid Azad
तुम्हारे ख़्वाब आँखों में सजा कर
किसी दिल में ठिकाना कर रहे हैं
Khalid Azad
अब तो आ जाओ मेरा हिज्र मुकम्मल कर दो
अब तो सूरज है मेरी साँस का ढलने वाला
Khalid Azad
हम तेरे बा'द किसी और के भी हो जाते
था तो मुमकिन ये मगर दिल ने गवारा न किया
Khalid Azad
हमें दरकार है फिर इक सफ़र की
ज़रा सा काम बाक़ी रह गया है
Khalid Azad
आज फिर दिल किसी का टूटेगा
शाख़ से इक गुलाब टूटा है
Khalid Azad
मिज़ाज-ए-इश्क़ में मजनू के ख़ानदानी हैं
सो हम को इश्क़ में आसानियाँ नहीं भातीं
Khalid Azad

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