Marghoob Inaam Majidi

Marghoob Inaam Majidi

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Marghoob Inaam Majidi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Marghoob Inaam Majidi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
देख कर ग़ौर से गुज़र जाना
कैसे सीखा है ये हुनर जाना
Marghoob Inaam Majidi
ईद के बा'द का दिन है साहब
ईद के दिन भी कहाॅं ख़ुश था मैं
Marghoob Inaam Majidi
चाँद इतरा रहा है घंटों से
एक तस्वीर अपनी भेजो तो
Marghoob Inaam Majidi
अब तो हर बात से डर लगता है
अपने हालात से डर लगता है

रौशनी भाती नहीं आँखों को
चाँदनी रात से डर लगता है
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Marghoob Inaam Majidi
अब सुनाओ फ़रेब के क़िस्से
अब बताओ न मैं फ़रेबी हूँ
Marghoob Inaam Majidi
शायद दुआ में तेरी अब वैसा असर नहीं रहा
हूँ साहिब-ए-फ़िराश मैं लेकिन मैं मर नहीं रहा
Marghoob Inaam Majidi
तीसरा शख़्स मेरा मसला था
तीसरा शख़्स मैं ही निकला था
Marghoob Inaam Majidi
रेज़ा-रेज़ा हो गए हैं और क्या
अपने धुन में खो गए हैं और क्या

कह रहा है बे-रुख़ी करते हैं हम
तेरे जैसे हो गए हैं और क्या
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Marghoob Inaam Majidi
कितना दिलकश था वो ज़माना भी
ईद थी छत पे तेरा आना भी
Marghoob Inaam Majidi
छोड़ कर मुझ को वो मुझ सेे दूर हो ही जाएगा
आख़िरश वो एक दिन मजबूर हो ही जाएगा
Marghoob Inaam Majidi
हाजमा हो तो तेरे जैसा हो
क़स
में वादे पचा के बैठी है
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Marghoob Inaam Majidi
क्या से क्या हो गया हूँ अब मुझ को
आइना देखता है हैरत से
Marghoob Inaam Majidi
तेरे ख़ातिर हुआ हूँ ऐसे रुसवा
अजब औबाश बन कर रह गया हूँ

कि मेरी रूह तो तुम मार डाले
मैं ज़िंदा लाश बन कर रह गया हूँ
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Marghoob Inaam Majidi
बात सुन लो मेरी सुधर जाओ
इश्क़ अच्छा नहीं है घर जाओ
Marghoob Inaam Majidi
अपनी नज़रों में नागवार हुए
बे-तहाशा-ओ-बे-शुमार हुए

ख़ुद को सय्याद हम समझते थे
एक तितली के हम शिकार हुए
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Marghoob Inaam Majidi
तू तो फिर ठीक है नागिन ने डसा है तुझ को
मुझ को अफ़सोस है तितली से डसे जाने का
Marghoob Inaam Majidi
हर कोई उतरा हुआ बाजार में
जिस को देखो मुब्तिला है यार में

इतनी आसानी से वो मिलता नहीं
नस अभी काटे कहाँ हो प्यार में
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Marghoob Inaam Majidi
आहन जैसे खा जाती है लोगों को
जंग जैसी ही ये मोहब्बत होती है
Marghoob Inaam Majidi
कोई मुझे याद ही नहीं करता
मैं किसी को याद ही नहीं हूँ अब
Marghoob Inaam Majidi
मेरे मरने पे वो भी आएँगे
बस यही एक परेशानी है
Marghoob Inaam Majidi

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