Muneer shehryaar

Muneer shehryaar

@Muneer_shereyaar

Muneer shereyaar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Muneer shereyaar's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
कर्ज़ माँ का न हम सेे अदा हो कभी
फिर भी बदले में माँ को ह़ँसा दो कभी

इस के ज़िंदा ही रहने से घर-बार है
साया माँ का ना सर से जुदा हो कभी
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Muneer shehryaar
किताबों के वरक़ छाने रिसालों में नहीं देखा
मोहब्बत करने वालों को उजालों में नहीं देखा
Muneer shehryaar
तुम सेे दिल को यही शिकायत है
ये मोहब्बत है या अदावत है
Muneer shehryaar
कल रास्ते में मुझ को मिली थी जो बे नक़ाब
उस ने नज़र झुका ली तो अच्छा लगा मुझे
Muneer shehryaar
न वो फूलों की शहज़ादी न वो कलियों की दुल्हन है
बहुत प्यारी सी लड़की है जो मेरे दिल की धड़कन है
Muneer shehryaar
आग जो लगाते है उन को कुछ नहीं होता
आग जो बुझा ते है उन के हाथ जलते हैं
Muneer shehryaar
हज़ारों कोशिशें कर लो मगर ऐसा नहीं होता
ज़बरदस्ती किसी से प्यार का सौदा नहीं होता
Muneer shehryaar
चाहतें कुछ नहीं शोहरतें कुछ नहीं
मांँ नहीं है अगर दौलतें कुछ नहीं
Muneer shehryaar
जिस के लिए हमेशा ये दुनिया ख़राब की
उस की निगाह में तो मैं सब सेे ख़राब हूँ
Muneer shehryaar
सारी दुनिया को रौशनी दे कर
चांँदनी बे लिबास होती है
Muneer shehryaar
सब से ता'रीफ़ मेरी मत करना
सुनके कुछ लोग मर ही जाएँगे
Muneer shehryaar
एक तोते की तरह फेर ली नज़रें उस ने
वो जो हर बात पे लब्बैक कहा करता था
Muneer shehryaar
कितनी मासूमियत है उस
में ये
पास जा कर उसे बताऊँगा
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Muneer shehryaar
जो कहता है कि अच्छी कट रही है
उसी से सारी बस्ती कट रही है

कहीं पर कोई शहज़ादा खड़ा है
कहीं दाँतों से उँगली कट रही है
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Muneer shehryaar
वो जो नज़रों से दूर होते हैं
वो ही दिल के सुरूर होते हैं

वो ही करते हैं ज़िंदगी काली
वो जो आँखों के नूर होते हैं
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Muneer shehryaar
करवट तमाम रात बदलना पड़ा मुझे
इक बे-वफ़ा की याद में जलना पड़ा मुझे

इक सोई हुई क़ौम जगाने के वास्ते
तलवार ले के घर से निकलना पड़ा मुझे
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Muneer shehryaar
सब से ता'रीफ़ मेरी मत करना
इस
में कुछ लोग मर ही जाऍंगे
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Muneer shehryaar
आज हम तो अपनी क़िस्मत आज़माने लग गए
आसमाँ जितने थे सब रस्ते बताने लग गए

ऐ ख़ुदा कश्ती हमारी क्या भँवर में आ गई
सब हमारे दोस्त हम को आज़माने लग गए
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Muneer shehryaar
कि जिन के घर में अताअत रसूल होती है
हमेशा उन की इबादत क़ुबूल होती है
Muneer shehryaar
बाबर बना दिया कभी अकबर बना दिया
जिस को ख़ुदा ने चाहा सिकंदर बना दिया
Muneer shehryaar

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