Nirmal Nadeem

Nirmal Nadeem

@Nirmalnadeem

Nirmal Nadeem shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Nirmal Nadeem's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

6

Content

21

Likes

52

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal
चाहे हो आसमान पे चाहे ज़मीं पे हो
वहशत का रक़्स हम ही करेंगे कहीं पे हो

दिल पर तुम्हारे नाम की तख़्ती लगी न थी
फिर भी ज़माना जान गया तुम यहीं पे हो
Read Full
Nirmal Nadeem
इसीलिए तो हिफ़ाज़त में बैठा रहता हूँ
मेरे बदन में कोई नीम जान रहता है
Nirmal Nadeem
मैं दर्द की ज़मीं पे गुहर ढूँढ़ता रहा
वो आई और इश्क़ का इज़हार कर गई
Nirmal Nadeem
फेंक आए हैं जहाँँ पे दियों को बुझा के हम
देखो कहीं न ऐसा हो सूरज वहीं पे हो
Nirmal Nadeem
पता करो कि रक़ीबों से मिल रहा है क्या
वो आज कल जो बहुत मेहरबान रहता है
Nirmal Nadeem
दिल पर तुम्हारे नाम की तख़्ती लगी न थी
फिर भी ज़माना जान गया तुम यहीं पे हो।
Nirmal Nadeem
क़ज़ा से कह दो कहीं और ही क़याम करे
लगेगा वक़्त मुझे, मैं किसी के प्यार में हूँ
Nirmal Nadeem
तेरे होंटों से छलकती है किरन सूरज की
तेरे हँसने से मेरी सुब्ह चमक उठती है
Nirmal Nadeem
तुम ने होंटों पे तबस्सुम जो सजा रक्खा है
होश मग़रूर गुलाबों का उड़ा रक्खा है
Nirmal Nadeem
तेरे बग़ैर गवारा नहीं बहिश्त मुझे
मैं पुल सिरात पे बैठा हूँ इंतिज़ार में हूँ
Nirmal Nadeem
जान से जाते रहे जान से जाना न गया
दिल गया इश्क़ में पर दिल का लगाना न गया
Nirmal Nadeem
जब तलक छत पे मेरी जान खड़ी रहती है
चाँद की आबरू ख़तरे में पड़ी रहती है
Nirmal Nadeem
गुलों का रंग न वो चाँदनी का साया था
हमारे ख़्वाब में कल रात तू ही आया था
Nirmal Nadeem
उस के दर पर वहशतों का रक़्स तो जारी रखो
इम्तिहाँ हो या न हो पर अपनी तैयारी रखो
Nirmal Nadeem
14 Likes
अपने सीने से लगाकर जो तेरा ग़म रक्खा
दिल की मिट्टी को हमेशा ही मुलायम रक्खा
Nirmal Nadeem