SHIV SAFAR

SHIV SAFAR

@ShivSafar

SHIV SAFAR shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in SHIV SAFAR's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

9

Content

192

Likes

148

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
अब मुझे हक़ तो नहीं पर इतना बोलूँगा ज़रूर
जा रहे तो लौट आओ जा चुके तो अलविदा
SHIV SAFAR
साथ इक दूजे के हम होते जनाब
पास फिर इतने न ग़म होते जनाब

मुझ सेे ही होती समुंदर में नमी
दुख जो रो लेने से कम होते जनाब
Read Full
SHIV SAFAR
सोचा था कि इस साल तो मिल जाएगी राहत
अफ़सोस कि इस साल भी जीना ही पड़ेगा
SHIV SAFAR
तुझे हासिल तो कर सकता हूँ लेकिन
मुहब्बत करने में ज़्यादा मज़ा है
SHIV SAFAR
जब ख़ुदा हो जाए क़ातिल-यार तो सज्दे की ख़ातिर
ख़ून से अपने वुज़ू करना कहाँ से कुफ़्र होगा
SHIV SAFAR
लिबास जैसे मुसाफ़िर बदलता रहता है
किसी सफ़र पे कभी ए'तिबार मत करना
SHIV SAFAR
दिल से उस की तस्वीर हटाऊँ भी कैसे
ख़ाली कमरे की वहशत से मैं वाक़िफ़ हूँ
SHIV SAFAR
घर वालों के कहने पे तर्क-ए-शायरी करूँ
या'नी पहले जान अपनी लूॅं तब नौकरी करूँ
SHIV SAFAR
हर किसी में नज़र मुझ को तू आ रही
सब को अब चाहना मेरी मजबूरी है
SHIV SAFAR
कहें गर दोस्त उस को दोस्ती जिस ने निभाई हो
तो मेरे ग़म तुझे इस फ्रेंडशिप डे की बधाई हो
SHIV SAFAR
वो अब मेरा नहीं ये मानना आसाँ यूँँ हो जाए
बराबर एक्स के कुछ मान लेना जितना आसाँ था
SHIV SAFAR
मेरी साँसें ये नहीं अब जैसे कोई आह हुई
तेरी याद आई मेरी ज़िंदगी तबाह हुई
SHIV SAFAR
ख़ुशियाँ तो क्या ही देंगी मसर्रात के सिवा
ग़म से मिलो वो देगा तजर्बे नए नए
SHIV SAFAR
जिस को लतीफ़ा जान के हॅंसती है रोज़ वो
मेरी ग़ज़ल का सब सेे जिगर-चाक शे'र है
SHIV SAFAR
क्या थी ज़रूरत पूरी कहानी कहने की
इश्क़ ही कह देते तो भी मैं रो देता
SHIV SAFAR
शख़्स अगर कोई होता तो कब का ठुकरा देता मैं
लेकिन मेरा दिल ही मेरे दिल को रोज़ दुखाता है
SHIV SAFAR
कौन कहता है कि लिखने के लिए पढ़ते हैं सब
पढ़ते हैं ताकि लिखा है जो लिखा जाए न फिर
SHIV SAFAR
मुझ को कुछ और दिन है मरना अभी
मैं अभी और जीने वाला हूँ
SHIV SAFAR
तेरे पीछे नहीं आता क़जा़एँ खींच लाती हैं
लकीरें हाथ की मेरी तेरी सूरत बनाती हैं

पता अब जानना तेरा नहीं मुश्किल मेरे ख़ातिर
गली, क़स्बा, मकाँ तेरा हवाएँ सब बताती हैं
Read Full
SHIV SAFAR
आती है मुझ को अब जब कभी याद वो
रात मेरी अँधेरों में खो जाती है

फिर सुलाने में ख़ुद मुझ को थक हार के
नींद मेरे सिरहाने पे सो जाती है
Read Full
SHIV SAFAR

LOAD MORE