Umashankar Lekhwar

Umashankar Lekhwar

@Umashankar

Umashankar prasad shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Umashankar prasad's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
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  • Nazm
रहेगा अब अगर ग़म ज़िन्दगी भर तो रहेगा ये
तेरा आशिक़ हुआ मैं बस तेरी आदत न हो पाया
Umashankar Lekhwar
तू ख़याल रख अपना मैं ख़याल रख लूँगा
है तुझे मोहब्बत तो मैं मिसाल रख लूँगा

मैं अगर तुझे दूँगा जो जवाब भी अपने
तो तेरे भी होंठों पे मैं सवाल रख लूँगा
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Umashankar Lekhwar
कभी तुम सेे थी नाराज़ी कभी तुम सेे शिकायत थी
ज़माना वो भी गुज़रा जब हमें तुम सेे मोहब्बत थी

बँधाता रह गया ढाढस दिया जो रातभर जलकर
कहा सबने हुई जब सुब्ह उसे जलने की आदत थी
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Umashankar Lekhwar
रूठ सा गया है कुछ मुझ सेे ये नज़ारा भी
रह गया न ख़्वाबों में अब मेरे सितारा भी

वो है चाँद जिस सेे है ये मेरा जहाँ रौशन
मैं चमक भी जाऊँ तो बन सकूँ न तारा भी
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Umashankar Lekhwar
चल पड़े थे रास्तों में हम कहीं
जो कभी शायद हमारे थे नहीं

ज़िन्दगी यूँँ ही गुज़रती रह गई
हाल ऐसा वो कहीं है हम कहीं
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Umashankar Lekhwar
मैं ने पूछा आज ये मुझ सेे किस-किस को बर्बाद करोगे
मैं तुम को बर्बाद करूँँगा तुम किस को आबाद करोगे

अपने ही हाथों से उस ने जिस घर को आबाद किया है
अब क्या तुम अपने हाथों से उस घर को बर्बाद करोगे
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Umashankar Lekhwar
मोहब्बत के अलावा अब न होगा रास्ता कोई
नहीं महबूब तो तुझ सेे न होगा वास्ता कोई
Umashankar Lekhwar
नहीं ये जानता उस की मोहब्बत में अगर तू रो रहा होगा
नहीं मालूम जगके रातभर तू चैन अपना खो रहा होगा

तेरी आँखों में दिखते हैं मुझे भी अब किसी की याद के साए
मगर वो शख़्स तुझ को भूलके आख़िर कहीं अब सो रहा होगा
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Umashankar Lekhwar
दिन ढले ऐसे कि जैसे इश्क़ में बर्बाद कोई
शाम ढलते याद आए चाँद सा हर रात कोई

काँपती ही रह गई ये उँगलियाँ ये होंठ जब से
बात कुछ मैं लिख न पाया कह न पाया बात कोई
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Umashankar Lekhwar
कहा तो है कि अब कोई शिकायत ही नहीं होगी
सितम ये है कि आख़िर बात उन सेे भी नहीं होगी

किसे पूछें कि आख़िर अब उन्हें क्या चाहिए हम सेे
कहा तो है मुलाक़ातें कि उन सेे भी नहीं होगी
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Umashankar Lekhwar
कौन होगा जिस किसी के ख़्वाब में फिर तू न आए
नींद भी उड़ जाए उस की जो किसी को तू बुलाए

देख ले तुझ को अगर यूँँ ही कहीं जो हारता फिर
जीत भी हासिल जिसे हो बाज़ियाँ वो हार जाए
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Umashankar Lekhwar
इक सुकूँ भरी नींदें टूटती चली जाएँ
छोड़ कर अकेला वो रूठती चली जाएँ

थी कभी तमन्ना अब दूर वो न हो मुझ सेे
लत है जो कि उस की अब छूटती चली जाएँ
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Umashankar Lekhwar
अगर वो फिर कभी आए ख़यालों में तो पूछूँगा
तेरे वो ख़्वाब अब तक किस लिए मुझ को जगाते थे
Umashankar Lekhwar
बड़ी सी साथ में उस रोज़ इक बारात होती है
बिदाई तो हमेशा से नई शुरुआत होती है

जुदा जिन से हुए हैं हाल उन के भी कभी पूछो
हुए जब से जुदा कैसे गुज़ारी रात होती है
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Umashankar Lekhwar
किसी को क्या ख़बर कैसे बिता लेते हैं अपने दिन
बिना उन के कि जिनपर वो हर इक दिन हक़ जताते थे
Umashankar Lekhwar
सजाया तो उसे होगा मगर अब ये तमन्ना है
निहारूँ मैं उसे फिर आज रंगों से सजाकर के
Umashankar Lekhwar
शामिल मेरा है नाम उन
में आप को जो याद है
मिलना कभी आ कर हमें फिर,आपसे फ़रियाद है

बातें हज़ारों याद आती हैं हमें क्यूँ, क्या पता
जो है मगर ये जान लो बस आप के वो बा'द है
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Umashankar Lekhwar
वो घूमती मुझ को दिखी तो मैं सवालों में रहा
थी तो वही मैं रातभर जिस के ख़यालों में रहा

अब तक समेटे है कि ख़ुश्बू वो फ़िरे है हर दिशा
वो एक दिन जो फूल बस कुछ देर बालों में रहा
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Umashankar Lekhwar
तुझे मैं भूल जाऊँगा अगर बेहतर मिला कोई
भुला तो दूँ तेरे ये लफ़्ज़ फिर भी वक़्त लगता है
Umashankar Lekhwar
आस तो मुझे अब भी है कि लौट आए फिर
जो गुज़र गया शायद वक़्त वो न आएगा।
Umashankar Lekhwar

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