Vineet Dehlvi

Vineet Dehlvi

@Vineet_Dehlvi

Vineet Kumar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Vineet Kumar's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
मैं डर जाता हूँ और बहुत घबराहट होती है
अब जब भी दरवाज़े पे कोई आहट होती है
Vineet Dehlvi
मुद्दतों बा'द लौट कर आई
मेरी तनहाई फिर उभर आई

कौन सी बात याद आई मुझे
बैठे बैठे ही आँख भर आई
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Vineet Dehlvi
जंग में हाथ रोक लेते हैं
लब पे हर बात रोक लेते हैं

करने को कर लें हम भी इश्क़ मगर
घर के हालात रोक लेते हैं
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Vineet Dehlvi
मेरे महबूब का जब जब मुझे दीदार होता है
ख़ुदा ही जानता है कैसे दिल पे वार होता है
Vineet Dehlvi
मुद्दतों बा'द ये समझ आया
सादगी सिर्फ़ इक दिखावा है
Vineet Dehlvi
सादगी देख के हुए पागल
सादगी देख के मोहब्बत की

सादगी ने ही फिर फँसाया हमें
सादगी ने ही फिर हिफ़ाज़त की
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Vineet Dehlvi
अपना घर भूल बैठा हूँ मैं
पर तुम्हारी गली याद है
Vineet Dehlvi
तमाम रस्ते जाते हैं तेरे घर की ओर
पर कोई रस्ता तेरी ओर नहीं जाता
Vineet Dehlvi
ख़ुदी को सताता रहा हूँ मैं
उसे दिल में लाता रहा हूँ मैं

मुझे वो भुलाता चला गया
जिसे याद आता रहा हूँ मैं
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Vineet Dehlvi
बताऊँगा तुम्हें मैं हाल-ए-दिल
मुझे मौका किसी दिन गर मिलेगा
Vineet Dehlvi
गर लगा ले हमें गले कोई
अश्कों का बाँध टूट जाता है
Vineet Dehlvi
जिस को ख़्वाहिश समझ रहे हो तुम
वो असल में किसी का हक़ है दोस्त
Vineet Dehlvi
इश्क़ की राह दूर हो जैसे
सब ख़ुदा का क़ुसूर हो जैसे

उन की मासूमियत की क्या कहिए
बुत में कोई ग़ुरूर हो जैसे
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Vineet Dehlvi
कि ता'रीफ़ में उन की अब क्या कहें हम
उन्हें देख के देखते ही रहें हम
Vineet Dehlvi
पूछा सूखे हुए गुलों ने ये
तितलियां अब किसे सतातीं हैं
Vineet Dehlvi
यार अपने काम के हैं
बस फ़क़त सब नाम के हैं
Vineet Dehlvi
बेकली, ग़म, दर्द इन सबकी तुम्हीं बुनियाद हो
मैं तुम्हें भूला नहीं हूँ हाँ मुझे तुम याद हो
Vineet Dehlvi
तेरी यादों से जानाँ अब कभी दूरी नहीं हो सकती
तू दिल की वो कमी है जो कभी पूरी नहीं हो सकती
Vineet Dehlvi
अब भला क्यूँँ चुप रहें हम
दर्द और कितना सहें हम

चार दिन की दिल-लगी को
अब मोहब्बत क्यूँ कहें हम
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Vineet Dehlvi
निकले गर होंठों से तो क्या फ़ाइदा
आह दिल से भी निकलनी चाहिए
Vineet Dehlvi

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