Yuvraj Singh Faujdar

Yuvraj Singh Faujdar

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Yuvraj Singh Faujdar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Yuvraj Singh Faujdar's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
दिल-परिन्दा क़फ़स में ख़ुश है अब
आसमाँ बोझ लग रहा था इसे
Yuvraj Singh Faujdar
कर के वा'दा मुकर गया है कोई
इश्क़ करने से डर गया है कोई

लाश की बू सी आती है हर रोज़
लगता है मुझ में मर गया है कोई
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Yuvraj Singh Faujdar
मैं ख़ुद को देखने लगा हूँ दुनिया की नज़रों से
सो मुझ को अब आईने में अच्छा नइँ लगता मैं
Yuvraj Singh Faujdar
दीवारों की सीलन से ये जाना है
आँखों से अश्क मुंतक़िल हो सकते हैं
Yuvraj Singh Faujdar
वो अपने हिस्से की मोहब्बत पहले ही कर चुकी किसी के साथ
हम को तो बस अपना दर्द - ए - दिल बतलाने के लिए रक्खा है
Yuvraj Singh Faujdar
ज़ख़्म-ए-इश्क़ था वैसे ही भर जाता इक दिन वक़्त के साथ
यार सुख़न के टाँकों ने तो नासूर कर दिया इस को
Yuvraj Singh Faujdar
पत्थर तोड़ा करते थे जो हाथ
उन
में भी अब इश्क़ के छाले हैं
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Yuvraj Singh Faujdar
ख़्वाब में उस के खोया हूँ
गोद में उस की सोया हूँ

मैं पत्थर सा इक लड़का
फूल की ख़ातिर रोया हूँ
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Yuvraj Singh Faujdar
आप तो इश्क़ मोहब्बत से बच निकले थे ना
आप यहाँ और ऐसी हालत में हैरत है
Yuvraj Singh Faujdar
प्यार मेरा उस दिन ही हार गया था
प्यार को जब पागलपन बोला उस ने
Yuvraj Singh Faujdar
छाँव किसी को तो मिल ही जाएगी
पौधों को पानी देते रहिए आप
Yuvraj Singh Faujdar
मेरी दुनिया इतनी रौशन क्यूँ की तुम ने
यार मैं बीनाई ही खो बैठा हूँ अपनी
Yuvraj Singh Faujdar
चली जाए न बीनाई हमारी
कि इतनी दूर तक देखा है उस को
Yuvraj Singh Faujdar
सुर्ख़ आँखों की वजह बतलाऊँ
क़त्ल होते रहे हैं ख़्वाब यहाँ
Yuvraj Singh Faujdar
मुस्कुराते हुए उदास ये लोग
ज़ख़्म खाते हैं अश्क पीते हैं
Yuvraj Singh Faujdar
काश इक रोज़ नज़र आऊँ मैं
काश पहचान न पाए वो मुझे
Yuvraj Singh Faujdar
वो अच्छी लड़की है बस इक बात का दुख है
मुझ को अच्छी चीज़ों की आदत नइँ लगती
Yuvraj Singh Faujdar
इस लिए ख़ुश्क हैं मेरी आँखें
इक नदी सूख गई है इन
में
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Yuvraj Singh Faujdar
इस लिए नम हैं मेरी ये आँखें
इक नदी डूब गई है इन
में
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Yuvraj Singh Faujdar
हम ने तो बस वज़्न गिराया है मिसरों में
तुम ने तो अपना मेआ'र भी गिरा रखा है
Yuvraj Singh Faujdar

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