Abbas Tabish

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@abbas-tabish

Abbas Tabish shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Abbas Tabish's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
मुझ को उस की आँखों में कूदने की आदत है
मैं तुम्हें बताऊँगा ख़ुद-कुशी के बारे में
Abbas Tabish
मैं तो ऐ इश्क़ तेरी कूज़ा-गरी जानता हूँ
तू ने हम दो को मिलाया तो बना एक ही शख़्स
Abbas Tabish
क्या तमाशा है कि सब मुझ को बुरा कहते हैं
और सब चाहते हैं मेरी तरह का होना
Abbas Tabish
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इसीलिए तो किसी को बताने वाला नहीं
कि तेरा मेरा तअल्लुक़ ज़माने वाला नहीं

पलट के आ ही गए हो तो इतना ध्यान रहे
तुम्हारा दोस्त हूँ लेकिन पुराने वाला नहीं
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Abbas Tabish
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बस एक मोड़ मिरी ज़िंदगी में आया था
फिर इस के बा'द उलझती गई कहानी मेरी
Abbas Tabish
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एक मुद्दत से मिरी माँ नहीं सोई 'ताबिश'
मैं ने इक बार कहा था मुझे डर लगता है
Abbas Tabish
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ये जो है फूल हथेली पे इसे फूल न जान
मेरा दिल जिस्म से बाहर भी तो हो सकता है
Abbas Tabish
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मैं अपने बा'द बहुत याद आया करता हूँ
तुम अपने पास न रखना कोई निशानी मेरी
Abbas Tabish
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सुनहरी लड़कियों इनको मिलो मिलो न मिलो
ग़रीब होते हैं बस ख़्वाब देखने के लिए
Abbas Tabish
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देख कैसे धुल गए है गिर्या-ओ-ज़ारी के बा'द
आसमाँ बारिश के बा'द और मैं अज़ादारी के बा'द

इस सेे बढ़ कर तो तुझे कोई हुनर आता नहीं
सोचता हूँ क्या करेगा दिल आज़ारी के बा'द
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Abbas Tabish
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यार इक बार परिंदों को हुकूमत दे दो
ये किसी शहर को मक़्तल नहीं होने देंगे

ये जो चेहरे हैं यहाँ चाँद से चेहरे 'ताबिश'
ये मिरा इश्क़ मुकम्मल नहीं होने देंगे
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Abbas Tabish
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मैं तेरे बा'द कोई तेरे जैसा ढूँढ़ता हूँ
जो बे-वफ़ाई करे और बे-वफ़ा न लगे
Abbas Tabish
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चलता रहने दो मियाँ सिलसिला दिलदारी का
आशिक़ी दीन नहीं है कि मुकम्मल हो जाए
Abbas Tabish
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मुद्दत के बा'द ख़्वाब में आया था मेरा बाप
और उस ने मुझ सेे इतना कहा ख़ुश रहा करो
Abbas Tabish
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आदतन उस के लिए फूल ख़रीदे वरना
नहीं मालूम वो इस बार यहाँ है कि नहीं
Abbas Tabish
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हम हैं सूखे हुए तालाब पे बैठे हुए हंस
जो तअ'ल्लुक़ को निभाते हुए मर जाते हैं
Abbas Tabish
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मैं ने पूछा था कि इज़हार नहीं हो सकता
दिल पुकारा कि ख़बर-दार नहीं हो सकता
Abbas Tabish
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ये मोहब्बत की कहानी नहीं मरती लेकिन
लोग किरदार निभाते हुए मर जाते हैं
Abbas Tabish
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शायद किसी बला का था साया दरख़्त पर
चिड़ियों ने रात शोर मचाया दरख़्त पर
Abbas Tabish
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पाँव पड़ता हुआ रस्ता नहीं देखा जाता
जाने वाले तिरा जाना नहीं देखा जाता
Abbas Tabish
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