Aditya Kumar 'Chaudhary'

Aditya Kumar 'Chaudhary'

@aditya_kumar

Aditya Kumar 'Chaudhary' shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Aditya Kumar 'Chaudhary''s shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
मुझ को तेरी आह ने तबाह कर दिया
खा गया मुझे तेरा लगाव चौधरी
Aditya Kumar 'Chaudhary'
सो गए सारे आशिक़ बिलखते हुए
खेल चलना था चलता रहा नियति का
Aditya Kumar 'Chaudhary'
जिन को जाना है इक दिन चले जाते हैं
याद में उन की हम क्यूँ मरे जाते हैं
Aditya Kumar 'Chaudhary'
थी यही और यही रहेगी भी
ग़म मोहब्बत की राजधानी है
Aditya Kumar 'Chaudhary'
रोने की तुझ को देख के आदत नहीं गई
यादें गई हैं दिल से मुहब्बत नहीं गई
Aditya Kumar 'Chaudhary'
बा'द-ए-शब-ए-विसाल से आगे की चीज़ है
ये ज़िंदगी मलाल से आगे की चीज़ है

क्या ही कहूँ ए दोस्त मैं उस के मिजाज़ का
वो शख़्स तो कमाल से आगे की चीज़ है

है प्यार मुझ को आप से कह तो सका नहीं
ये तो मेरी मजाल से आगे की चीज़ है

उस के रुमाल के सिवा तो कुछ है ही नहीं
लेकिन वो भी रुमाल से आगे की चीज़ है
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Aditya Kumar 'Chaudhary'
मुस्कुराते रहेंगे मुझे देख कर
इक दफ़ा तो कभी फिर से पास आइए
Aditya Kumar 'Chaudhary'
आप भी चल दिए हम सेे मुँह मोड़कर
अब जिएँ कैसे ये भी बता जाइए
Aditya Kumar 'Chaudhary'
मिल के आया हूँ मैं उस सेे इस दफ़ा हाँ
भूला तो नहीं है पर बदल गया है
Aditya Kumar 'Chaudhary'
मुस्कुराती हुई मेरी फोटो मिली
मुस्कुराता हुआ अच्छा लगता हूँ मैं
Aditya Kumar 'Chaudhary'
इतना तो हक़ तू भी जताया कर
याद गर आऊँ तो बुलाया कर

मारने का मुझे इरादा है
यक-ब-यक सामने न आया कर
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Aditya Kumar 'Chaudhary'
एक अरसे से उस को ही देखा नहीं
जिस को देखे बिना दिन गुज़रता न था
Aditya Kumar 'Chaudhary'
अब मेरी ज़िन्दगी में वो शख़्स ही नहीं
जिस के बगै़र सोची थी ज़िंदगी नहीं
Aditya Kumar 'Chaudhary'
उस को नज़रें न अपनी झुकानी पड़ें
बस यही सोच कर उस को देखा नहीं
Aditya Kumar 'Chaudhary'
आप भी चल दिए याद भी आप की
मुझ को खाती रही फिर कमी आप की
Aditya Kumar 'Chaudhary'
किस ने इन खगों की बस्तियाँ उजाड़ी
कौन शजरों को कपटी बना रहा है
Aditya Kumar 'Chaudhary'
एक दिन साथ होंगे ये विश्वास है
और ये विश्वास ही आख़िरी आस है
Aditya Kumar 'Chaudhary'
आना हो तो आ मुसलसल मिल के जाने के लिए
वरना तो फिर आ ही मत धड़कन बढ़ाने के लिए
Aditya Kumar 'Chaudhary'
है ये दुख कि मैं तुझ सेे जुदा हो गया
और सितम ये कि तुझ को मैं भूला नहीं
Aditya Kumar 'Chaudhary'
बे-वफ़ाई पे दुनिया ये जो भी कहे
पर समझता हूँ मैं बेबसी आप की
Aditya Kumar 'Chaudhary'

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