Afzal Khan

Afzal Khan

@afzal-khan

Afzal Khan shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Afzal Khan's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

27

Content

48

Likes

564

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal
दानिस्ता मुझ आवारा से टकरा के ये दुनिया
कहती है कि अंधे हो दिखाई नहीं देता
Afzal Khan
जाने क्या क्या ज़ुल्म परिंदे देख के आते हैं
शाम ढले पेड़ों पर मर्सिया-ख़्वानी होती है
Afzal Khan
30 Likes
परिंदे लड़ ही पड़े जाएदाद पर आख़िर
शजर पे लिक्खा हुआ है शजर बराए-फ़रोख़्त
Afzal Khan
24 Likes
तेरे जाने से ज़्यादा हैं न कम पहले थे
हम को लाहक़ हैं वही अब भी जो ग़म पहले थे
Afzal Khan
20 Likes
देर से आने पर वो ख़फ़ा था आख़िर मान गया
आज मैं अपने बाप से मिलने क़ब्रिस्तान गया
Afzal Khan
38 Likes
ये कह दिया है मिरे आँसुओं ने तंग आ कर
हमें ब-वक़्त-ए-ज़रूरत निकालिए साहब
Afzal Khan
22 Likes
हमारे साँस भी ले कर न बच सके अफ़ज़ल
ये ख़ाक-दान में दम तोड़ते हुए सिगरेट
Afzal Khan
22 Likes
ये जो कुछ लोग ख़यालों में रहा करते हैं
उन का घर-बार भी होता है नहीं भी होता
Afzal Khan
25 Likes
इसी लिए हमें एहसास-ए-जुर्म है शायद
अभी हमारी मोहब्बत नई नई है ना
Afzal Khan
14 Likes
जाने क्या क्या ज़ुल्म परिंदे देख के आते हैं
शाम ढले पेड़ों पर मर्सिया-ख़्वानी होती है
Afzal Khan
22 Likes
किसी ने ख़्वाब में आ कर मुझे ये हुक्म दिया
तुम अपने अश्क भी भेजा करो दु'आओं के साथ
Afzal Khan
25 Likes
ये मोहब्बत के महल तामीर करना छोड़ दे
मैं भी शहज़ादा नहीं हूँ तू भी शहज़ादी नहीं
Afzal Khan
36 Likes
नहीं था ध्यान कोई तोड़ते हुए सिगरेट
मैं तुझ को भूल गया छोड़ते हुए सिगरेट
Afzal Khan
23 Likes
हमारा दिल ज़रा उकता गया था घर में रह रह कर
यूँँही बाज़ार आए हैं ख़रीदारी नहीं करनी
Afzal Khan
26 Likes
मैं ख़ुद भी यार तुझे भूलने के हक़ में हूँ
मगर जो बीच में कम-बख़्त शा'इरी है ना
Afzal Khan
30 Likes
बना रक्खी हैं दीवारों पे तस्वीरें परिंदों की
वगर्ना हम तो अपने घर की वीरानी से मर जाएँ
Afzal Khan
20 Likes
मुझे रोना नहीं आवाज़ भी भारी नहीं करनी
मोहब्बत की कहानी में अदाकारी नहीं करनी
Afzal Khan
27 Likes
लोगों ने आराम किया और छुट्टी पूरी की
यकुम मई को भी मज़दूरों ने मज़दूरी की
Afzal Khan
31 Likes
इतनी सारी यादों के होते भी जब दिल में
वीरानी होती है तो हैरानी होती है
Afzal Khan
25 Likes
अब जो पत्थर है आदमी था कभी
इस को कहते हैं इंतिज़ार मियाँ
Afzal Khan
38 Likes

LOAD MORE