gaurav saklani

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@gauravsa483635

gaurav saklani shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in gaurav saklani's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
बात कुछ भी नहीं ज़रूरी थी
बस ज़रूरी था बात का होना
gaurav saklani
शे'र आमद ये हो रहे हैं जो
हाथ अंसारी का है इस
में सब
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gaurav saklani
राज़ खुलता है घर जलाने को
घर कभी आग से नहीं जलता
gaurav saklani
मेरे अंदर भी कोई रहता है
जो भी है बस ख़ुदा नहीं रहता
gaurav saklani
दिख रहा था जो ख़ून पानी पे
जान दे बैठा वो निशानी पे
gaurav saklani
जुड़ रहा है वो जो कहानी में
साथ देगा वो बस जवानी में
gaurav saklani
हादसों ने हमें सिखाया है
वक़्त कटता नहीं गुज़रता है
gaurav saklani
दर्द का क़ाफ़िला नहीं रुकता
साँसों का सिलसिला नहीं रुकता

मुझ
में ही मैं रहा नहीं हूँ अब
ग़म का जो दाख़िला नहीं रुकता
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gaurav saklani
कर भी लेगें जो ख़ुद-कुशी तो क्या
मौत के बा'द ग़म नहीं होगा
gaurav saklani
ज़ब्त मुझ में रहा नहीं अब वो
इस लिए दूर दूर रहता हूँ
gaurav saklani
एक इंसान ही नहीं है बस
उम्र बीतेगी ये भुलाने में
gaurav saklani
आँखों की चौखट पड़ी है धूल मतलब
वक़्त ने तोड़ा था पर बिखरा नहीं था
gaurav saklani
ये महज़ एक अजब इत्तिफ़ाक़ ही तो हैं
की आलिमों में से ख़ाना-ख़राब भी तो हैं
gaurav saklani
ज़िंदगी क्यूँ तुम्हें शिकायत है
दे दिया ख़ून-ए-दिल जिगर फिर भी
gaurav saklani
एक शाइ'र ग़ज़ल सुनाता है
बहरस दूर है डगर फिर भी
gaurav saklani
ज़िंदगी क्यूँ तुम्हें शिकायत है
दे दिया ख़ून-ए-जिगर फिर भी
gaurav saklani
थक गए मुझ को तुम मिटाने में
हो रहा है गुज़र-बसर फिर भी
gaurav saklani
खाई थी क़स
में अब न देखेंगे
आ रहा है वही नज़र फिर भी
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gaurav saklani
तोड़ के रख दिया मुझे जिस ने
लग रहा है मुझे क़मर फिर भी
gaurav saklani
ज़िक्र तुम ने किया मगर फिर भी
हो रहा क्यूँ नहीं असर फिर भी
gaurav saklani

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