Jitendra "jeet"

Jitendra "jeet"

@jitendrayadav98262

Jitendra yadav chambal shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Jitendra yadav chambal's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
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  • Nazm
राह में तेरी मैं कोई बाधा नहीं
पर तेरा दिल दुखे ये इरादा नहीं

मेरे हिस्से नहीं आएँगी रुक्मिणी
मेरे हिस्से में जब कोई राधा नहीं
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Jitendra "jeet"
सब को जीने का यूँँ ढब नहीं आएगा
आना जब चाहिए तब नहीं आएगा

व्यर्थ ही जाएगा राह तकना तेरा
जो गया सो गया अब नहीं आएगा
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Jitendra "jeet"
आम से ख़ास यूँँ कर गए वो मुझे
होंठों की प्यास यूँँ कर गए वो मुझे

वो थे मेरा ह्रदय और ह्रदय तोड़ कर
जीते जी लाश यूँँ कर गए वो मुझे
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Jitendra "jeet"
गीत मुक्तक सभी वो भुलाए गए
होंठों तक आए पर जो न गाए गए

तब से आँखों का नींदों से नाता नहीं
जबसे गोदी में सर रख सुलाए गए
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Jitendra "jeet"
उस को यार न कुछ भाता है
जिस के हिस्से ग़म आता है

आँखों को कोई समझाए
रातों को सोया जाता है
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Jitendra "jeet"
एक सरिता ने आश्रय था माँगा मगर
हम तो शिव भी नहीं जो जटा दे सकें

हम स्वयं ही तो कानन में विचरण करें
कोई घर हो तो उस का पता दे सकें
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Jitendra "jeet"
अपनी आँखों से आँसू बहा लीजिए
गीत को फिर मेरे गुनगुना लीजिए

तोड़ कर जा रहे हैं सभी दिल मेरा
आप भी इक़ दफ़ा आज़मा लीजिए
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Jitendra "jeet"
इक घड़ी में हमें वो भुलाने लगे
इस तरह होश मेरे ठिकाने लगे

थामकर हाथ ग़ैरों का वो चल दिए
जिन को पाने में हम को ज़माने लगे
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Jitendra "jeet"
जानते हो कि तुम ज़िन्दगी हो मेरी
तुम ग़ज़ल गीत और शा'इरी हो मेरी

वक़्त रहते उठा लीजिए फोन को
क्या पता कॉल ये आख़िरी हो मेरी
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Jitendra "jeet"
मैं तो अब शाम का ढलते सूरज सा हूँ
तुम मेरी ज़िन्दगी का उजाला बनो

मैं इबादत करूँँ हर घड़ी हर पहर
तुम मेरी बंदगी तुम शिवाला बनो
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Jitendra "jeet"
मेरी आँखों में आँसू हैं लबों पर है हँसी तेरे
ग़मों से गर पड़े पाला तो मुझ को याद कर लेना

न बाज़ी जीत पाए हम अगर दूजी मोहब्बत में
तेरे हिस्से में आऊँ मैं यही फ़रियाद कर लेना
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Jitendra "jeet"
मैं तो माँ के क़दमों में हूँ
मुझ को जन्नत से क्या लेना
Jitendra "jeet"
ये ख़ुदा तू तो ये जानता है
कितने तरसे हैं इक शख़्स को हम
Jitendra "jeet"
इक रोज़ दोस्त देंगे ये माँ बाप को ख़बर
भेजा जो शहर आपने लड़का नहीं रहा
Jitendra "jeet"
हम भटकते रहे हैं यहाँ दर-ब-दर
तुम ने आ कर के जीवन सँवारा प्रिये

जब मेरे दर्द की इंतिहाँ हो गई
मैं ने पन्नों पे तुम को उतारा प्रिये
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Jitendra "jeet"
अपने दिल की में पीड़ा बताऊँ किसे
हो रहे हैं ग़लत आकलन सब मेरे

और कब तक सहूँ दिल पे आघात को
प्रेम में खो रहे संकलन सब मेरे
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Jitendra "jeet"
वो मैं था जो उस की हर हाँ में शामिल नइँ था
बस इस कारण ही तो मैं उस के क़ाबिल नइँ था

उस दिल के दफ़्तर में मिल तो जाता काम मुझे
हाँ पास मेरे रिश्वत में देने को दिल नइँ था
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Jitendra "jeet"
तन पर रंग चढ़ाती होली
या फिर भंग पिलाती होली

होली सारे भेद मिटाए
सम रस ढंग बढ़ाती होली
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Jitendra "jeet"
जिस को जाना हाथ छुड़ा कर जाए वो
जाने वाले हाथ नहीं पकड़े जाते
Jitendra "jeet"
हमारे वास्ते दिल में मोहब्बत गर नहीं तेरे
बता कर एक सच हम को भले बर्बाद कर लेना

ज़रा कुछ देर तो ठहरो अभी साँसें मेरी चलतीं
मोहब्बत जिस सेे करते हो हमारे बा'द कर लेना
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Jitendra "jeet"

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