Kamran Abbas

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@kamranabbasnaqvi0786

Kamran Abbas shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Kamran Abbas's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
उस की हिजरत की रात देर तलक
तन्हा देखा है मैं ने आधा चाँद
Kamran Abbas
मुझ को ख़बर नहीं है कहाँ खो गया हूँ मैं
हाँ इतना जानता हूँ तेरा हो गया हूँ मैं
Kamran Abbas
सियाह रात में माह-ए-कमाल आया है
वफ़ा के नाम पर उन का ख़याल आया है
Kamran Abbas
रफ़्ता रफ़्ता बुझ रहा है शौक़-ए-उल्फ़त का चराग़
ज़िन्दगी की राह में अब तीरगी होने को है
Kamran Abbas
हसरत तमाम उम्र की सीने में रह गई
जाते हुए भी मुझ से वो मिल कर नहीं गया
Kamran Abbas
वो मुझ से दूर हुआ मेरे पास आते हुए
अँधेरा हो गया घर में दिया जलाते हुए
Kamran Abbas
ज़िंदगी इस तरह गुज़री है ग़मों के दरमियाँ
दर्द थे इतने कि मेरा मुस्कुराना रह गया
Kamran Abbas
यादों के कारवाँ में मुसलसल सफ़र किया
तब जाके हम ने आज दिसंबर बसर किया
Kamran Abbas
ख़ंजर गले पे रख के मोहब्बत के नाम का
धड़कन वफ़ा की रोक दी ज़ालिम मिज़ाज ने
Kamran Abbas
तुम मुझ से हो ख़फ़ा या दिल तुम से गुरेज़ाँ है
नज़दीकियों में अपनी सदियों की दूरियाँ हैं
Kamran Abbas
कोई पूछे तो ज़रा क्या है ये अंदाज़-ए-सुख़न
लहजा शीरीं है मगर ज़ख़्म लगे जाते हैं
Kamran Abbas
रात भर दीदा-ए-पुर-नूर से मुख़ातिब थे
फ़ज्र होते ही हमें तीरगी नज़र आई
Kamran Abbas
दिल के एक गोशे में तीरगी है यादों की
और इस ज़माने में चार सू उजाला है
Kamran Abbas
टूटे सपनों से मुझे रोज़ घुटन होती है
साँस लेता हूँ तो सीने में चुभन होती है
Kamran Abbas
अश'आर अधूरे हैं किरदार अधूरे हैं
मिलने के लिए आओ घर-बार अधूरे हैं
Kamran Abbas
आवाज़ दे रहा है मुझे एक उदास दिल
यादों की सुन रहा हूँ सदा मुद्दतों के बा'द
Kamran Abbas
तीरगी बैठी है मेरे घर में
और तो हर तरफ़ उजाले हैं
Kamran Abbas
दिल की गहराई से पलकों के किनारे आ कर
हम ने अश्कों को बहुत शोर मचाते देखा
Kamran Abbas