Khursheed Rizvi

Khursheed Rizvi

@khursheed-rizvi

Khursheed Rizvi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Khursheed Rizvi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
जिन लोगों में रहता हूँ मैं उन में से नहीं हूँ
हूँ कौन मुझे अपना ज़माना नहीं मिलता
Khursheed Rizvi
आसाँ तो नहीं अपनी हस्ती से गुज़र जाना
उतरा जो समुंदर में दरिया तो बहुत रोया
Khursheed Rizvi
कभी अपनी आँख से ज़िंदगी पे नज़र न की
वही ज़ाविए कि जो आम थे मुझे खा गए
Khursheed Rizvi
तमाम उम्र अकेले में तुझ से बातें कीं
तमाम उम्र तेरे रू-ब-रू ख़मोश रहे
Khursheed Rizvi
जब कभी ख़ुद को ये समझाऊँ कि तू मेरा नहीं
मुझ में कोई चीख़ उठता है नहीं ऐसा नहीं
Khursheed Rizvi
कब निकलता है कोई दिल में उतर जाने के बा'द
इस गली की दूसरी जानिब कोई रस्ता नहीं
Khursheed Rizvi
आख़िर को हँस पड़ेंगे किसी एक बात पर
रोना तमाम उम्र का बे-कार जाएगा
Khursheed Rizvi
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तू मुझे बनते बिगड़ते हुए अब ग़ौर से देख
वक़्त कल चाक पे रहने दे न रहने दे मुझे
Khursheed Rizvi
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