Kinshu Sinha

Kinshu Sinha

@kinshusinha27

Kinshu Sinha shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Kinshu Sinha's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
मर चुके पेड़ों को पानी देना तो बेकार है
बेवफ़ाओं को जवानी देना तो बेकार है

तू समझता है तू राजा है तो मेरी बात सुन
तेरे घर में अपनी रानी देना तो बेकार है
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Kinshu Sinha
उस का ख़ुदा कोई न हो उस का ख़ुदा वो ख़ुद ही हो
मुझ सा ही काफ़िर चाहिए मुझ को मुहब्बत के लिए
Kinshu Sinha
ऐ ख़ुदा आशिक़ों पर करम कर दे तू
बेवफ़ाओं की तादाद कम कर दे तू
Kinshu Sinha
कहा कुछ नहीं हमें उस ने रवानगी के पहले
सो हमारे लब भी चुप चुप रहे ख़ुद-कुशी के पहले

उसे याद आ गया कोई रक़ीब चार दिन बा'द
हमें मौत याद आने लगी ज़िंदगी के पहले
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Kinshu Sinha
तेरे चहरे पे अदाएँ दस तरह की
या'नी हम को मरना होगा दस तरह से
Kinshu Sinha
कमज़ोर कर रहा था मुहब्बत को शक मेरा
शक को मेरे यक़ीं में बदलने का शुक्रिया
Kinshu Sinha
इश्क़ में शक कहाँ होता है
इश्क़ में तो यक़ीं होता है
Kinshu Sinha
मुझ को भी ख़ुश होने का इक मौका दे
ऐसा हो कोई उस को भी धोखा दे
Kinshu Sinha
तू जो हमेशा ही औरों को पुकारता है
तुझ को ख़बर है तू मुझ को कितना मारता है

तुझ को तो चाहिए तू सब कुछ उतार दे पर
तू मेरे सामने बस ग़ुस्सा उतारता है
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Kinshu Sinha
इस नए दिन पर पुराना दर्द क्यूँ हो
चल नई सी ठोकरें खाएँ कहीं पर
Kinshu Sinha
कितने भी मजबूत हों पर टूटते हैं
टूटते हैं लोग जब घर टूटते हैं
Kinshu Sinha
ज़िंदगी हर इक पग पर इम्तिहान लेती है
फ़ेल जो हुए तो ये झट से जान लेती है
Kinshu Sinha
तुम 'जौन' से अंजान हो
मतलब बड़े नादान हो
Kinshu Sinha
गर नहीं देखा है तू ने हीर राँझा
देख तेरी मेरी ये तस्वीर राँझा

मेरे हाथों में नहीं है हाथ तेरा
मेरे हाथों में है इक शमशीर राँझा
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Kinshu Sinha
तोहफ़ा ये ज़माने भर से जुदा मिला हम को
एक यार की सूरत में ख़ुदा मिला हम को
Kinshu Sinha
कौन कहता है ख़ुदा मरता नहीं है
हम ख़ुदा थे उस के और हम मर चुके हैं
Kinshu Sinha
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हम भी इबादत करते थे रब की कभी
कुछ हादसों ने हम को काफ़िर कर दिया
Kinshu Sinha
सिर्फ़ इक बेटा बनकर रहूँ उम्र भर
बाप के जूते पॉलिश करूँँ उम्र भर
Kinshu Sinha
झूठ क्यूँ सच जैसा लगता है मुझे अब
मैं तुझे पहली मुहब्बत मानता हूँ
Kinshu Sinha
सभी कानों में झूठ डाला गया
मुझे मेरे घर से निकाला गया

मुहब्बत से माँगी या फिर जंग से
मेरा टुकड़ा हरदम ही टाला गया
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Kinshu Sinha
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