Kabir Altamash

Kabir Altamash

@main.kabir

Kabir Altamash shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Kabir Altamash's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
कोई होता तो उस को सब बताते हम
हमारी इक कहानी भी सुनाते हम

बहुत ही दूर रहती है कोई लड़की
यहाँ रहती तो पलकों पे बिठाते हम
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Kabir Altamash
सब लड़कों में सब सेे अच्छा लड़का
मैं हूँ एक अनोखा प्यारा लड़का

अम्मी ख़ुश होकर सब सेे कहती थी
देखो दौड़ रहा है मेरा लड़का
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Kabir Altamash
खा जाएगा इक दिन मुझे
तुझ सेे बिछड़ने का ये डर
Kabir Altamash
हो गए आप मुझ सेे इतना दूर
है ज़मीं से वो चाँद जितना दूर

अब दिखाई भी तुम नहीं देते
तुम कहाँ हो बताओ कितना दूर
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Kabir Altamash
मैं ख़ुद नहीं जानता था ऐ प्यारे दोस्त
मैं ख़ुद-कुशी की तरफ़ जाऊँगा कभी
Kabir Altamash
पहले करते थे पाप अच्छा जी
अच्छे हैं कब से आप अच्छा जी

आपसे भूल हो गई अच्छा
करना है फिर मिलाप अच्छा जी
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Kabir Altamash
तुझे ये पता है अगर तो बता
तेरी याद क्यूँ खींचती है मुझे
Kabir Altamash
किसी को भेज मेरे पास मेरे रब
कि तू तो जानता है ना मैं तन्हा हूँ
Kabir Altamash
मेरी हालत पर तरस तो खाइए रब
हाँ मुझे जाना है हाँ ले जाइए रब
Kabir Altamash
वो मिले तो पूछना उस सेे कभी तुम
मेरे चेहरे की चमक क्यूँ खा गई वो
Kabir Altamash
आप का कहना तो ठीक है दोस्त पर
बे-वफ़ा है वो दिल मानता क्यूँ नहीं
Kabir Altamash
अब हमारे पेड़ सारे ये कहाँ ही जानते हैं
एक लड़की ने कहा था मुझ सेे इक पौधा लगाना
Kabir Altamash
अब्बू ने भी बतलाया था ये दुनिया ज़ालिम है
कहना उन का गर माना होता तो अच्छा होता
Kabir Altamash
लोग रुलाते हैं क्यूँ मुझ को
अब तेरी तस्वीर दिखा कर
Kabir Altamash
उठेंगे हम नहीं सजदे से तब तलक या रब
ये सारे मस'अले जब तक के हल नहीं होंगे
Kabir Altamash
दोस्त तुम ने ये कभी सोचा है बोलो
मैं नहीं होता तो क्या होता तुम्हारा
Kabir Altamash
मेरे अब्बू सच कहते थे
बेटा इक दिन पछताओगे
Kabir Altamash
मुझ को कहना है उस के बच्चों से
आप की माँ ने मुझ को छोड़ा था
Kabir Altamash
तुम्हें ये जान कर शायद ख़ुशी होगी
तुम्हें अब छोड़ने वाला है इक लड़का
Kabir Altamash
तेरे चुप रहने से हर पौधा सूख गया है
तुझ को मालूम नहीं पौधों का पानी है तू
Kabir Altamash

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