Majrooh Sultanpuri

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Majrooh Sultanpuri shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Majrooh Sultanpuri's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
सुनते हैं कि काँटे से गुल तक हैं राह में लाखों वीराने
कहता है मगर ये अज़्म-ए-जुनूँ सहरा से गुलिस्ताँ दूर नहीं
Majrooh Sultanpuri
इस बाग़ में वो संग के क़ाबिल कहा न जाए
जब तक किसी समर को मेरा दिल कहा न जाए
Majrooh Sultanpuri
बहाने और भी होते जो ज़िंदगी के लिए
हम एक बार तेरी आरज़ू भी खो देते
Majrooh Sultanpuri
पहले सौ बार इधर और उधर देखा है
तब कहीं डर के तुम्हें एक नज़र देखा है
Majrooh Sultanpuri
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तुझे न माने कोई तुझ को इस से क्या मजरूह
चल अपनी राह भटकने दे नुक्ता-चीनों को
Majrooh Sultanpuri
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कुछ बता तू ही नशेमन का पता
मैं तो ऐ बाद-ए-सबा भूल गया
Majrooh Sultanpuri
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बढ़ाई मय जो मोहब्बत से आज साक़ी ने
ये काँपे हाथ कि साग़र भी हम उठा न सके
Majrooh Sultanpuri
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'मजरूह' क़ाफ़िले की मिरे दास्ताँ ये है
रहबर ने मिल के लूट लिया राहज़न के साथ
Majrooh Sultanpuri
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फ़रेब-ए-साक़ी-ए-महफ़िल न पूछिए 'मजरूह'
शराब एक है बदले हुए हैं पैमाने
Majrooh Sultanpuri
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दिल की तमन्ना थी मस्ती में मंज़िल से भी दूर निकलते
अपना भी कोई साथी होता हम भी बहकते चलते चलते
Majrooh Sultanpuri
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तिरे सिवा भी कहीं थी पनाह भूल गए
निकल के हम तिरी महफ़िल से राह भूल गए
Majrooh Sultanpuri
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रहते थे कभी जिन के दिल में हम जान से भी प्यारों की तरह
बैठे हैं उन्हीं के कूचे में हम आज गुनहगारों की तरह
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अब सोचते हैं लाएँगे तुझ सा कहाँ से हम
उठने को उठ तो आए तिरे आस्ताँ से हम
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कोई हम-दम न रहा कोई सहारा न रहा
हम किसी के न रहे कोई हमारा न रहा
Majrooh Sultanpuri
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पारा-ए-दिल है वतन की सर
ज़मीं मुश्किल ये है
शहर को वीरान या इस दिल को वीराना कहें
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सर पर हवा-ए-ज़ुल्म चले सौ जतन के साथ
अपनी कुलाह कज है उसी बाँकपन के साथ
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मेरे ही संग-ओ-ख़िश्त से ता'मीर-ए-बाम-ओ-दर
मेरे ही घर को शहर में शामिल कहा न जाए
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अब कारगह-ए-दहर में लगता है बहुत दिल
ऐ दोस्त कहीं ये भी तिरा ग़म तो नहीं है
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हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़ियादा
चाक किए हैं हम ने अज़ीज़ो चार गरेबाँ तुम से ज़ियादा
Majrooh Sultanpuri
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मुझे ये फ़िक्र सब की प्यास अपनी प्यास है साक़ी
तुझे ये ज़िद कि ख़ाली है मिरा पैमाना बरसों से
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