Manmauji

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@mukesh-sharma

Mukesh Sharma shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Mukesh Sharma's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
वफ़ा जताता हुआ दिल की ओर आता हुआ
हर एक शख़्स तेरा हम-शबीह लगता है
Manmauji
मैं अंजुमन को तेरी कहकहों से भर दूँ मगर
लिहाफ़-ए-ख़ामुशी हालात का तक़ाज़ा है
Manmauji
किसी क़ीमत पर उन की आँख में आँसू नहीं मंज़ूर
मगर ख़ुश हूँ कि वो कल ता-सहर मेरे लिए रोए
Manmauji
फ़क़त गले से लगाकर ख़रीद सकते थे
अब इस सेे और तो सस्ता मैं ख़ुद को क्या करता
Manmauji
कुछ एक ज़ख़्म तो ऐ चारा-गर हरे रखना
बस इक यही तो निशानी है मेरे पास उन की
Manmauji
तेरा वजूद अयाँ हो वजूद से मेरे
ओ रंगरेज़ मुझे अपने हू-ब-हू कर दे
Manmauji
यादों के बयाबानों में जो इक उम्र गुज़ारी है हम ने
वो उम्र किसी की ज़ुल्फ़ों के साए में गुज़रनी थी यारों
Manmauji
तमाम मुश्किलें आती हैं लौट जाती हैं
मेरी कलाई पे रेशम का देख कर धागा
Manmauji
तुम्हें लहू से तो ख़त लिख नहीं सके लेकिन
लिखी है आँख के पानी से शा'इरी तुम पर
Manmauji
मेरा तो ये इम्तिहाँ पर इम्तिहाँ लेती रही
कौन हैं वो लोग जिन की ज़िंदगी गुलज़ार है
Manmauji
मुझ को तो दरकार नहीं है समझा कर
पर दिल को इनकार नहीं है समझा कर

बेशक तुम को देख के कुछ कुछ होता है
ऐसा पहली बार नहीं है समझा कर

इमशब तुम को रोक तो लूँ अपने घर में
छत है बस,दीवार नहीं है समझा कर

ख़ंदा-लब वो सब से हँस कर मिलता है
एऐ दिल ये इज़हार नहीं है समझा कर

प्यार व्यार मैं ने सब कर के देख लिया
इन बातों में सार नहीं है समझा कर

बदन मेरे तू तन-आसानी माँग रहा
हिस्से में इतवार नहीं है समझा कर

एक नहीं दो जॉब लगा देते तुम को
‘मौजी’ की सरकार नहीं है समझा कर
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Manmauji
कुछ सबक़ पढ़ लिए किताबों से हम ने
ज़िंदगी बात को अना पर ले बैठी
Manmauji
ज़हर तो पूरा का पूरा पी लिए थे आप भोले
फिर भला ये आदमी क्या खा के ज़हरीला हुआ है
Manmauji
ज्वाइन ही कर रहा था मैं बजरंग दल मगर
देखा तुम्हें,इरादा मेरा डगमगा गया
Manmauji
अगर हो नक़्ल में माहिर, तो दोहरा कर दिखाओ ये
हमें तुम से मुहब्बत है, हमें तुम सेे मुहब्बत है
Manmauji
आज पहली दफ़ा शराब चखी
तेरे होंठों के आस-पास न थी
Manmauji