Nida Fazli

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@nida-fazli

Nida Fazli shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Nida Fazli's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
दरिया हो या पहाड़ हो टकराना चाहिए
जब तक न साँस टूटे जिए जाना चाहिए
Nida Fazli
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ज़िन्दगी का मुक़द्दर सफ़र-दर-सफ़र
आख़िरी साँस तक बे-क़रार आदमी
Nida Fazli
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धूप तो धूप ही है इस की शिकायत कैसी
अब की बरसात में कुछ पेड़ लगाना साहब
Nida Fazli
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नई नई आँखें हों तो हर मंज़र अच्छा लगता है
कुछ दिन शहर में घू
में लेकिन अब घर अच्छा लगता है
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Nida Fazli
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नक़्शा उठा के कोई नया शहर ढूँढ़िए
इस शहर में तो सब से मुलाक़ात हो गई
Nida Fazli
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जो हो इक बार वो हर बार हो ऐसा नहीं होता
हमेशा एक ही से प्यार हो ऐसा नहीं होता
Nida Fazli
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कहाँ चराग़ जलाएँ कहाँ गुलाब रखें
छतें तो मिलती हैं लेकिन मकाँ नहीं मिलता
Nida Fazli
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सब कुछ तो है क्या ढूँडती रहती हैं निगाहें
क्या बात है मैं वक़्त पे घर क्यूँँ नहीं जाता
Nida Fazli
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वो एक ही चेहरा तो नहीं सारे जहाँ में
जो दूर है वो दिल से उतर क्यूँँ नहीं जाता
Nida Fazli
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तुम भी लिखना तुम ने उस शब कितनी बार पिया पानी
तुम ने भी तो छज्जे ऊपर देखा होगा पूरा चाँद
Nida Fazli
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घी मिस्री भी भेज कभी अख़बारों में
कई दिनों से चाय है कड़वी या अल्लाह
Nida Fazli
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सीधा-साधा डाकिया जादू करे महान
एक ही थैले में भरे आँसू और मुस्कान
Nida Fazli
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बाग़ में जाने के आदाब हुआ करते हैं
किसी तितली को न फूलों से उड़ाया जाए
Nida Fazli
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दिल में न हो जुरअत तो मोहब्बत नहीं मिलती
ख़ैरात में इतनी बड़ी दौलत नहीं मिलती
Nida Fazli
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नक़्शा ले कर हाथ में बच्चा है हैरान
कैसे दीमक खा गई उस का हिन्दोस्तान
Nida Fazli
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गिरजा में मंदिरों में अज़ानों में बट गया
होते ही सुब्ह आदमी ख़ानों में बट गया
Nida Fazli
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नक़्शा उठा के और कोई शहर देखिए
इस शहर में तो सब से मुलाक़ात हो गई
Nida Fazli
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दिन सलीक़े से उगा रात ठिकाने से रही
दोस्ती अपनी भी कुछ रोज़ ज़माने से रही
Nida Fazli
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यहाँ किसी को कोई रास्ता नहीं देता
मुझे गिरा के अगर तुम सँभल सको तो चलो
Nida Fazli
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हर घड़ी ख़ुद से उलझना है मुक़द्दर मेरा
मैं ही कश्ती हूँ मुझी में है समुंदर मेरा
Nida Fazli
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