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Nitish Kumar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Nitish Kumar's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
दुनिया की इन अजीब रस्मों से
कौन मरता है झूठी क़समों से
Nit
हक़ ये जताने कौन आएगा
मुझ को मनाने कौन आएगा
Nit
अब 'नित' ये भी तेरे नाम होगा
हर शे'र अब इक इल्ज़ाम होगा
Nit
आँखों के रंग को भी अब्तर बना दिया
इक बे-वफ़ा ने मुझ को पत्थर बना दिया
Nit
ख़ुद से भी गर हार जाऍंगे
फिर यूँँ ही बेकार जाऍंगे
Nit
लिखते हैं सब 'नित' ग़म भुलाने को
मैं लिखता हूँ ख़ुद को रुलाने को
Nit
'नित' ये इतना आसान तो नहीं
यार वो तेरी जान तो नहीं
Nit
गर वो ही 'नित' तेरा ख़ास है
क्यूँ नहीं फिर तेरे पास है
Nit
'नित' यार ये हो चुका है
हक़ अपना वो खो चुका है
Nit
उसे इस बात का एहसास क्यूँँ हो
नदी को नीर की अब प्यास क्यूँँ हो
Nit
बात वो जो रूहानी है
'नित' मेरी वो कहानी है
Nit
'नित' न जाने कौन सा ग़म है
ग़म भी ग़म जैसा नहीं लगता
Nit
आती नहीं अब 'नित' वो याद मुझे
कर चुकी है इतना बर्बाद मुझे
Nit
ये क्या नित कोई डरने की बात है
या फिर ख़ुश-नसीबी जो तू साथ है
Nit
हम ने तो इक काम किया है
ख़ुद को बस बदनाम किया है
Nit
नित बड़े अरसे बा'द हुई है
अब पूरी इक मुराद हुई है
Nit
इक आवारा सा झोंका हूँ मैं
तेरी आँखों का धोखा हूँ मैं
Nit
क्यूँ रखें हम आस गै़रों पर
चलना है जब अपने पैरों पर
Nit
'नित' गर तुम रुसवाई न करते
फिर हम यूँँ बे-वफ़ाई न करते
Nit
नित तुम ने क्या ही लाचारी देखी है
तुम ने क़िस्मत कहाँ हमारी देखी है
Nit

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