Parveen Shakir

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Parveen Shakir shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Parveen Shakir's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
ये दुख नहीं कि अँधेरो से सुल्ह की हम ने
मलाल ये है कि अब सुब्ह की तलब भी नहीं
Parveen Shakir
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तुझ को क्या इल्म तुझे हारने वाले कुछ लोग
किस क़दर सख़्त नदामत से तुझे देखते हैं
Parveen Shakir
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मर भी जाऊँ तो कहाँ लोग भुला ही देंगे
लफ़्ज़ मेरे मेरे होने की गवाही देंगे
Parveen Shakir
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वो मुसाफ़िर ही खुली धूप का था
साए फैला के शजर क्या करते
Parveen Shakir
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कल रात जो ईंधन के लिए कट के गिरा है
चिड़ियों को बहुत प्यार था उस बूढे शजर से
Parveen Shakir
उस से इक बार तो रूठूँ मैं उसी की मानिंद
और मेरी तरह से वो मुझ को मनाने आए
Parveen Shakir
दुख तो ऐसा है कि दिल आँख से कट कट के बहे
एक वा'दा है कि रोने नहीं देता मुझ को
Parveen Shakir
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ये क्या कि वो जब चाहे मुझे छीन ले मुझ से
अपने लिए वो शख़्स तड़पता भी तो देखूँ
Parveen Shakir
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गुलाब हाथ में हो आँख में सितारा हो
कोई वजूद मोहब्बत का इस्तिआ'रा हो
Parveen Shakir
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तेरे सिवा भी कई रंग ख़ुश नज़र थे मगर
जो तुझ को देख चुका हो वो और क्या देखे
Parveen Shakir
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आइने की आँख ही कुछ कम न थी मेरे लिए
जाने अब क्या क्या दिखाएगा तुम्हारा देखना
Parveen Shakir
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हम ने ही लौटने का इरादा नहीं किया
उस ने भी भूल जाने का वा'दा नहीं किया
Parveen Shakir
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मज़ा तो तब है कि तुम हार के भी हँसते रहो
हमेशा जीत ही जाना कमाल थोड़ी है
Parveen Shakir
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वो मुझ को छोड़ के जिस आदमी के पास गया
बराबरी का भी होता तो सब्र आ जाता
Parveen Shakir
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रेल की सीटी में कैसे हिज्र की तम्हीद थी
उस को रुख़्सत कर के घर लौटे तो अंदाज़ा हुआ
Parveen Shakir
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लड़कियाँ बैठी थीं पाँव डालकर
रौशनी सी हो गई तालाब में
Parveen Shakir
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बोझ उठाए हुए फिरती है हमारा अब तक
ऐ ज़मीं माँ तिरी ये उम्र तो आराम की थी
Parveen Shakir
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कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ था तिरा ख़याल भी
दिल को ख़ुशी के साथ साथ होता रहा मलाल भी
Parveen Shakir
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रात के शायद एक बजे हैं
सोता होगा मेरा चाँद
Parveen Shakir
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तेरा घर और मेरा जंगल भीगता है साथ साथ
ऐसी बरसातें कि बादल भीगता है साथ साथ
Parveen Shakir
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