Atul K Rai

Atul K Rai

@raiatul343

Atul K Rai shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Atul K Rai's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
नया पंचाँग टँग जाएगा घर में
गुज़रते ही पुराना साल प्यारे
Atul K Rai
जीत कर लंका हुए वापस अयोध्या राम और
एक अरसे से बुझे दीपक सभी जलने लगे
Atul K Rai
कोई तो है चिढ़ाता है जो मुझ को
मैं आईने में जब भी देखता हूँ
Atul K Rai
आँसू चाट रहे हैं अब की तिश्ना-लब
हाँ ये बात अलग है दरिया दूर नहीं
Atul K Rai
आप से हम को बहुत उम्मीद थी
आप भी औरों के जैसे हो गए
Atul K Rai
सब विदाई के वक़्त रोते हैं
सोच उस वक़्त हँस रहा था मैं
Atul K Rai
उस की आँखों में इतनी गहराई थी
पानी होता तो हम डूब गए होते
Atul K Rai
कौन अन्धा साथ रखता है छड़ी
रौशनी के लौटने के बा'द भी
Atul K Rai
बहारें हों या वीरानी से सब जंगल गुज़रते हैं
रुदन हो हास्य हो सब को बराबर बाँटता है वो
Atul K Rai
किसी की आँख का तारा भला तोड़ा अचानक क्यूँँ
कहानीकार थे तुम तो कहानी मोड़ सकते थे
Atul K Rai
नई पीढ़ी को आख़िर कौन कल रस्ता दिखाएगा
बग़ीचे में पुराने पेड़ का होना ज़रूरी है
Atul K Rai
बरखा किए बग़ैर ही बादल चले गए
गर्मी से फिर ज़मीन की चमड़ी उधड़ गई
Atul K Rai
इक दफ़ा बस इक दफ़ा उस को हमारे साथ कर
छत पे फिर से बैठ कर तारे गिनेंगे रात कर

खेल कोई हो विजयश्री प्रेम के हिस्से में लिख
जितने धोखेबाज़ हैं हिस्से में उन के मात कर
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Atul K Rai
हमारी ख़्वाहिश है पेड़ जिस को लगाया तुम ने हरा रहे बस
वगरना कोई भी घाव ऐसा नहीं है जिस की दवा नहीं है
Atul K Rai
अपने हिस्से में वही तस्वीर है
जिस
में सब कुछ है ख़ुशी को छोड़ कर
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Atul K Rai
जनवरी की भाँति आना है यहाँ
बीत जाना है दिसम्बर की तरह
Atul K Rai
उस को सब मालूम है कहते हैं सब
देखते हैं कब ख़बर लेता है वो
Atul K Rai
ख़्वाबों में तैरने लगे गुज़रे हसीन पल
पानी जो आँख में था मेरे काम आ गया
Atul K Rai
इतनी सख़्ती से भी पेश न आओ आप मुहब्बत में
पत्थर अपने पत्थर होने पर शरमाने लग जाए
Atul K Rai
क़ैद में भी चैन से रहने नहीं देता है वो
डर लगा रहता है जाने कब रिहा कर दे हमें
Atul K Rai

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