RIZWAN ALI RIZWAN

RIZWAN ALI RIZWAN

@rizwanalirizwan

RIZWAN ALI RIZWAN shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in RIZWAN ALI RIZWAN's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
तेरे चहरे को पढ़ना चाहिए था
मगर वो शख़्स माला पढ़ रहा है
RIZWAN ALI RIZWAN
दोनों जानिब से कुछ हुआ था मगर
फिर हुआ ये कि कुछ हुआ ही नहीं
RIZWAN ALI RIZWAN
अभी तुम दिन के मानी मत बताओ
अभी तो रात होती जा रही है
RIZWAN ALI RIZWAN
ये भी इक मसअला है क्या करें अब
समुंदर डूब मरना चाहता है
RIZWAN ALI RIZWAN
क्यूँँ मुझे ढूँढती हो ख़्वाबों में
मैं हक़ीक़त हूँ कोई ख़्वाब नहीं

क्या कहा मेरी जुस्तजू है तुम्हें
मैं तो ख़ुद को भी दस्तियाब नहीं
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RIZWAN ALI RIZWAN
क्या तुझे राज़-ए-निहाँ बतलाऊँ
दर्द इन्साँ के लिए नेमत है
RIZWAN ALI RIZWAN
ताकि जन्नत में मैं पहुँच जाऊँ
मुझ को रक्खा गया अज़ाबों में
RIZWAN ALI RIZWAN
हिज्र के अँधेरों से दिल बुझा सा रहता है
इस चराग़-ए-उल्फ़त को वस्ल की ज़िया दे दो
RIZWAN ALI RIZWAN
हद से गुज़र के दर्द तो तस्कीन हो गया
पर मैं तिरे फ़िराक़ में बे-चैन ही रहा
RIZWAN ALI RIZWAN
हर पल ख़ुशी थी, ऐश थी, लज़्ज़त थी ज़िन्दगी
लग़्ज़िश ज़रा सी इस के मआ'नी बदल गई

पहले तो मैं सुकून से रहता था ख़ुल्द में
तशरीफ़ लाईं तुम तो कहानी बदल गई
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RIZWAN ALI RIZWAN
मुहब्बत क्या है तुम जाने नहीं हो
अभी तुम ख़ाक को छाने नहीं हो
RIZWAN ALI RIZWAN
ना चराग़-ए-बज़्म हूँ ना रौनक़-ए-मह़फ़िल हूँ मैं
जो दिल-ए-वीराँ से निकली वो सदा-ए-दिल हूँ मैं
RIZWAN ALI RIZWAN
मेरी चश्म-ए-तलब में रहती है
बन के ता'बीर मेरे ख़्वाबों की

शम-ए-उम्मीद से जो उठती है
तुम वही रौशनी हो रातों की
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RIZWAN ALI RIZWAN
सब यहाँ आईना दिखाते हैं
आईना कोई देखता ही नहीं
RIZWAN ALI RIZWAN
तुम्हें इक नज़्म में लाएँ तो कैसे
कि तुम तस्बीह के दाने नहीं हो
RIZWAN ALI RIZWAN
ऐसे आई वुजूद में दुनिया
उस ने चुपके से कह दिया था कुन
RIZWAN ALI RIZWAN
तेरी ज़ुल्फ़ों का क्या बयान करूँँ
तेरी नालैन अर्श पर जानाँ
RIZWAN ALI RIZWAN
जीत लेता हूँ मैं ग़ज़ल कह कर
जिस को कहते हैं दिल ज़माने में
RIZWAN ALI RIZWAN
दर्द-आमेज़ ज़िन्दगी कर ले
तेरा दुख ही तेरी दवा होगा
RIZWAN ALI RIZWAN
ठहरते भी भला कैसे वो दिल के बाला ख़ानों में
उन्हें मेरी निगाहों से उतर जाने की जल्दी थी
RIZWAN ALI RIZWAN

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