Rehan Umar

Rehan Umar

@ru380218

Rehan Umar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Rehan Umar's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
हमें अपनी नहीं परवाह कोई
पड़ोसी बढ़ रहा है गड़ रहा है
Rehan Umar
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जो इस को मज़हब से जोड़े ये उस की नादानी है
उर्दू  का  कोई  धर्म  नहीं  है  उर्दू  हिंदुस्तानी  है
Rehan Umar
पूरी कर तब उस की माँग
जब वो भर दे तेरी माँग
Rehan Umar
अब तो तारीफ़ के बँधेंगे पुल
माँ ने छेड़ी हैं लाल की बातें
Rehan Umar
जिस जगह से इधर उधर हुए हम
रोज़ जाता है उस जगह कोई
Rehan Umar
तोहफ़े देते ही रहते हो रेहान
तुम भी कुछ उस सेे पा रहे हो क्या
Rehan Umar
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अपनी खिड़की से झाँकती है वो जब
रौशनी सी गली में होती है
Rehan Umar
नीड जिस की है वो नहीं मौजूद
अच्छे मौसम का क्या करे कोई
Rehan Umar