Shadan Ahsan Marehrvi

Shadan Ahsan Marehrvi

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Shadan Ahsan Marehrvi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shadan Ahsan Marehrvi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
तुम जो पहलू में नहीं होते हो
दिन दिसंबर के बुरे लगते हैं
Shadan Ahsan Marehrvi
तुझ को पाने की जुस्तुजू में फिर
और इक साल राएगाँ निकला
Shadan Ahsan Marehrvi
सब को मरना है एक रोज़ मगर
तेरे मरने ने हम को मार दिया
Shadan Ahsan Marehrvi
मुझे ख़बर नहीं ग़म क्या है और ख़ुशी क्या है
ये ज़िंदगी की है सूरत तो ज़िंदगी क्या है
Shadan Ahsan Marehrvi
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मुद्दतों जो रहे जुदा होकर
नूर की बारिशों में बाहम हैं
Shadan Ahsan Marehrvi
हैं लहू से कई गुना बढ़कर
वो जो एहसास के मरासिम हैं
Shadan Ahsan Marehrvi
रंग दिल पर वही है चाहत का
इश्क़ दोनों तरफ़ बराबर है

देख तेरे फ़िराक़ में जानाँ
किस तरह कट रहा दिसम्बर है
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Shadan Ahsan Marehrvi
सींचते ख़ून से रहे मक़्तल
तपते सेहरा में वो ख़ुदा वाले

इन निगाहों में बेश्तर मेरी
क़ैद मंज़र हैं करबला वाले
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Shadan Ahsan Marehrvi
कर्बला थी हुसैन की मे'राज
क़त्ल बस वस्ल का बहाना था
Shadan Ahsan Marehrvi
रहगुज़र पर चले अदब की जो
उन को रस्ते से ही उतार दिया

बुग्ज़ से भरके अपने सीनों को
हाए तुम ने अदब को मार दिया
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Shadan Ahsan Marehrvi
बदगुमाँ जो हों उन सेे कह देना
तुम को रानी बना के रक्खूँगा
Shadan Ahsan Marehrvi
ज़बाने दाग़ में मैं ने उसे लिखी चिट्ठी
मिज़ाजे मीर में उस ने मुझे जवाब दिया
Shadan Ahsan Marehrvi
ये जो उल्फ़त है इक क़यामत है
और बंदा है तू ख़ुदा वाला
Shadan Ahsan Marehrvi
ज़र्फ किस का क्या है तब मालूम हो
हाथ में देकर के पत्थर देखिए
Shadan Ahsan Marehrvi
अक़्ल ने सैकड़ों दलीलें दीं
दिल ने हरगिज़ न बात इक मानी
Shadan Ahsan Marehrvi
इक कसक दिल में कहीं उठती है
बे-सबब शे'र नहीं होता है
Shadan Ahsan Marehrvi
वादा-ए-वस्ल मुझ से टूट गया
मैं ने छोड़ी न आम की दावत
Shadan Ahsan Marehrvi
हो गई अब विदा तेरी चाहत
उस की तस्वीर भी जला देना
Shadan Ahsan Marehrvi
रंज-ओ-ग़म जिन
में मुब्तला था दिल
उन की तफ़्तीश कर रहा हूँ मैं
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Shadan Ahsan Marehrvi
चाँद निकला नज़र न तू आया
किस तरह ईद मैं मनाऊँगा
Shadan Ahsan Marehrvi

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