Shubham Dwivedi

Shubham Dwivedi

@shubhamdwivedi.23296

Shubham Dwivedi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shubham Dwivedi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
मुसलसल ख़्वाब में आती रही वो
हक़ीकत में जिसे दिल चाहता है
Shubham Dwivedi
मन है चंचल ये डाली बदलता रहा
बन के मर्कट उछल के ये छलता रहा

हम समझते तो हैं इस की हर चाल को
मन तो मन है ये फिर भी मचलता रहा
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Shubham Dwivedi
किसी की बात सुन कर आ रहे हैं
सो अब हम पर निशाना ला रहे हैं

हमारे सामने अकड़े खड़े हैं
तो अब चूज़ों के भी पर आ रहे हैं
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Shubham Dwivedi
यही अब आग का दरिया है मंज़िल आख़िरी मेरी,
गले तक जिस्म डूबा है फ़क़त अब सर ही बाकी है
Shubham Dwivedi
कभी हँसता हूँ तो आँखें कभी मैं नम भी रखता हूँ
हर इक मुस्कान के पीछे हज़ारों ग़म भी रखता हूँ

शिफ़ा भी दे नहीं सकता मुझे कोई मेरा अपना
नतीजन मैं मिरे ज़ख़्मों का ख़ुद मरहम भी रखता हूँ
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Shubham Dwivedi
सारे जग को घूम किनारे आ बैठे
अब बस अपनी नैया पार लगानी है
Shubham Dwivedi
बिन बादल बरसात आई है,आने दो,
उस के घर बारात आई है, आने दो
Shubham Dwivedi
बिन बादल बरसात आई है,आने दो,
उस के घर बारात आई है, आने दो
Shubham Dwivedi
हम सफ़र में थे पर,हम सफ़र के बिना,
वो सफ़र फिर हमें रास आया नहीं
Shubham Dwivedi
ख़ुद-कुशी ही थी,पर ऐसा जाल में फांसा मुझे
मर गया वो शख़्स,मेरे हाथ ख़ंजर रह गया

मिलने की उम्मीद से,उस लाश के ताबूत में
जिस्म लेटा था,पर उस का हाथ बाहर रह गया
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Shubham Dwivedi