Yogendra Singh Raghuwanshi

Yogendra Singh Raghuwanshi

@ysraghuwanshi

Yogendra Singh Raghuwanshi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Yogendra Singh Raghuwanshi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
दर्द में जान जा रही होगी
आँसुओं में नहा रही होगी

हो के मजबूर इस ज़माने से
वो मेरे ख़त जला रही होगी
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Yogendra Singh Raghuwanshi
दर्द दिल में दबा लिया होगा
ग़म से वा'दा निभा लिया होगा

क़ब्र पर आके मेरे क़ातिल ने
अपना चेहरा छुपा लिया होगा
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Yogendra Singh Raghuwanshi
उन की आँखें में बेईमानी है
उन के लहज़े में बद-गुमानी है

अब मोहब्बत कहाँ है रिश्ते में
उन की बातों में मेहरबानी है
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Yogendra Singh Raghuwanshi
होंठों पर इक बात छुपाकर रक्खी है
प्रिया नेह बरसात छुपाकर रक्खी है

जिस रैना में स्वप्न मिलन के देखे थे
वो काजल सी रात छुपाकर रक्खी है
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Yogendra Singh Raghuwanshi
तेरे हाथों में कंगन बना झूम लूँ
तेरी नज़रों में सारा जहाँ घूम लूँ

प्रेम में तेरे अधरों को क्या चूमना
तेरे मेहँदी लगे कर कमल चूम लूँ
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Yogendra Singh Raghuwanshi
तुम मेरे दिल में और मैं बस तुम में गुम
अक्सर छत पर साथ टहलते हैं हम तुम
Yogendra Singh Raghuwanshi
मैं और बस मेरी तन्हाई हम दोनों
प्यार मोहब्बत और जुदाई हम दोनों
Yogendra Singh Raghuwanshi
लिखते-लिखते रोक लिया हम ने ख़ुद को
जैसे तुम ने बहते आँसू रोके हैं
Yogendra Singh Raghuwanshi
आज कुरेदा ख़ुद को पन्ना दर पन्ना
हर पन्ने पर नाम तुम्हारा पाया है
Yogendra Singh Raghuwanshi
छू के उन के बदन को बूँदों से
आज बारिश ने मयकशी कर ली
Yogendra Singh Raghuwanshi
तेरे पैरों पे रंग मेंहदी का
मेरे बोसों का नक़्श लगता है
Yogendra Singh Raghuwanshi
तेरी अपनी क़िस्मत है और मेरी अपनी किस्मत है
तुझ को तो संसार मिला पर मुझ को तू भी न मिल पाया
Yogendra Singh Raghuwanshi
तुझ सेे रिश्ता क़ायम रखने को जानाँ
जाने कितनी बार गिराया है ख़ुद को
Yogendra Singh Raghuwanshi
है नहीं मंज़ूर जीना बिन तुम्हारे
मैं तुम्हारे साथ जीना चाहता हूँ

तोड़ कर सारी रिवाजें सारी रस्में
मैं तुम्हारे पाँव छूना चाहता हूँ
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Yogendra Singh Raghuwanshi
आजकल नींद ही नहीं खुलती
तुम ने पायल उतार दी है क्या
Yogendra Singh Raghuwanshi